आदिवासी जमीन के सौदे में 10 लाख की ठगी, फर्जी अनुबंध करने वाला शातिर कारोबारी सिविल लाइन पुलिस के हत्थे चढ़ा
बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में जांजगीर की रहने वाली एक सैलून कर्मी युवती से शादी का झांसा देकर अनाचार करने और उसका वीडियो बनाने का मामला सामन...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 20 Oct 2026 06:54:12 PM (IST)Updated Date: Tue, 20 Oct 2026 06:54:12 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- आदिवासी जमीन के नाम पर 10 लाख की धोखाधड़ी।
- जमीन कारोबारी प्रफुल्ल झा को सिविल लाइन पुलिस ने दबोचा।
- फर्जी अनुबंध और मुख्तियारनामा के जरिए किया गया था खेल।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: आदिवासी जमीन की खरीदी-बिक्री के नाम पर 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन कारोबारी प्रफुल्ल झा ने दूसरे की जमीन को अपने से अनुबंधित बताकर सौदा किया और एडवांस के रूप में रकम ले ली।
सिविल लाइन पुलिस ने शिकायत पर अपराध दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। दयालबंद निवासी विशालचंद्र केसरी ने भारतीय नगर निवासी प्रफुल्ल झा के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार 10 दिसंबर 2025 को जमीन का सौदा 70 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से तय हुआ था। इसके लिए यूनियन बैंक आफ इंडिया के माध्यम से 10 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे।
अनुबंध में शामिल कुछ जमीनें राजस्व रिकार्ड में दूसरे लोगों के नाम पर दर्ज थीं। इनमें से कुछ जमीन आदिवासी महिला के नाम पर थी। वहीं, कुछ जमीन को बेचने के लिए कृष्णा दुआ के नाम से जारी मुख्तियारनामा प्रस्तुत किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है। इसी तरह 15 दिसंबर 2025 को मसानगंज और तोरवा क्षेत्र की जमीनों के संबंध में भी अनुबंध किया गया, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हुई।
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शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 336, 338 और 340 के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में दस्तावेजों की वैधता और अन्य संभावित पीड़ितों के संबंध में जांच जारी है।