
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। शासन की नई योजना के अनुसार अब बच्चों को शासकीय योजना का लाभ यूडाइस नंबर के आधार पर दिया जाएगा। अधिकांश स्कूलों में बच्चों का यूडाइस नंबर ही अपडेट नहीं है। यूडाइस में लापरवाही को लेकर कलेक्टर ने प्राचार्यों की क्लास ली।
उन्होंने दो टूक हिदायत दी कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी स्कूलों का यूडाइस डाटा शत-प्रतिशत पोर्टल पर दर्ज हो जाना चाहिए। कार्य में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली या लापरवाही मिलने पर संबंधित संस्था प्रमुख के खिलाफ तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्राचार्यों से बात की। चर्चा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि यूडाइस डाटा एंट्री के आधार पर ही छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क यूनिफार्म, पाठ्यपुस्तकें और अन्य शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाएगा। यदि कोई भी पात्र छात्र इससे वंचित रहा, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी। इसके साथ ही शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए कड़े कदम उठाने को कहा गया है।
कक्षा पहली के बच्चों को हिंदी धाराप्रवाह पढ़ने तथा छठवीं के बच्चों को अंग्रेजी पुस्तक पढ़ने और लिखने योग्य बनाने का लक्ष्य दिया गया। पांचवीं के छात्र-छात्राओं को अक्टूबर तक पांचवीं में बीस और आठवीं के विद्यार्थियों को 25 तक का पहाड़ा अनिवार्य रूप से याद करवाने की जिम्मेदारी शिक्षकों को सौंपी गई है। स्कूलों में ब्लैकबोर्ड पर एक से सौ तक की सीधी-उल्टी गिनती के साथ गणितीय पहाड़ा चार्ट लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
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सभी संस्थाओं में विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति, शिक्षकों की समय-सारणी, दैनिक डायरी संधारण और प्रभारियों के बीच स्पष्ट कार्य विभाजन सुनिश्चित करने को कहा गया है। मध्यान्ह भोजन व्यवस्था की निगरानी के लिए स्कूलों में अनिवार्य रूप से स्वाद पंजी बनाई जाएगी और रसोई गैस सिलेंडर की सुचारू आपूर्ति खाद्य विभाग के माध्यम से होगी।