
नईदुनिया प्रतिनिधि,बिलासपुर: सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) हमेशा से किसी न किसी विवादों से घिरा रहता है। इस बार एक पीजी की छात्रा ने दो महिला डाक्टरों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। आरोप की गंभीरता को इसी से समझा जा सकता है कि शिकायत सिम्स प्रबंधन से न करते हुए सीधे कलेक्टर संजय अग्रवाल से किया गया है। कलेक्टर ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश सिम्स प्रबंधन को दिए हैं।
कलेक्टर से की गई शिकायत में बताया गया है कि आई विभाग की एचओडी डा़ सुचिता सिंह और डा़ प्रभा सोनवानी लंबे समय से प्रताड़ित कर रही हैं। बात-बात पर प्रताड़ित करना इनकी आदत बन चुकी है। ऐसे में मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा है। इसे देखते हुए प्रताड़ना की जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। कलेक्टर को शिकायत करने के बाद जांच आदेश मिलते ही सिम्स प्रबंधन ने जांच समिति बना दिया है। इसकी प्रमुख गायनिक विभाग की ओपीडी संगीता जोगी को बनाया गया है, जिन्हें जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश सिम्स प्रबंधन ने दिए है।
विभागीय शिकायत चला जाता है ठंडे बस्ते में
यह पहली शिकायत नहीं है, जिसमें जांच समिति बैठी हो। समय पर विभागीय शिकायत मिलते ही रहती है। इसमें प्रताड़ना, काम में बाधा डालने के साथ ही कई डाक्टरों पर तो छेड़छाड़ का गंभीर आरोप भी लग चुका है। ज्यादातर मामले ऐसे होते हैं, जो सार्वजनिक नहीं हो पाते है। इन मामलों को पूरी तरह से दबा दिया जाता है और जो मामले सार्वजनिक होते हैं, उन मामलों में जांच समिति बैठाकर खानापूर्ति की जाती है।
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कई विभाग में हावी है अफसरशाही
सिम्स का हमेशा से विवादों से नाता रहा है। यह बात भी सामने आई है कि यहां पर अफसरशाही हावी है। कई डिपार्टमेंट के अधिकारी अफसरशाही में लिप्त रहते हैं, जो अपने डिपार्टमेंट के मातहत अधिकारी व कर्मचारियों को बेवजह प्रताड़ित करने से बाज नहीं आते हैं। इस तरह की अंदरूनी शिकायत भी सिम्स प्रबंधन को मिलती रहती है, लेकिन आज तक ऐसे मामलों पर कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
वर्जन
आई विभाग की एचओडी डा़ सुचिता सिंह और डा प्रभा सोनवानी पर प्रताड़ना का आरोप लगा है। मामले को जांच के दायरे में लिया गया गया। इसके लिए जांच समिति बनाई गई है। दोष साबित होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डा़ रमणेश मूर्ति, डीन, सिम्स