
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: वन मंडल उड़नदस्ता ने अवैध लकड़ी के भंडारण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ग्राम बांधा निवासी एक व्यक्ति के घर से 31 सौगान चिरान जब्त किया है। मुख्य वन संरक्षक मनोज कुमार पांडेय एवं वनमंडलाधिकारी नीरज के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। जब्त लकड़ी के मामले में भारतीय वन अधिनियम, 1927 की विभिन्न धाराओं के तहत वन अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
दोनों उच्चाधिकारियों को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम बांधा निवासी खम्हन सोनवानी के घर में अवैध रूप से लकड़ी रखी गई है। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उप वनमंडलाधिकारी टीआर मरई को छापामार कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया।
मुखबिर की खबर: अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम बांधा निवासी खम्हन सोनवानी के घर में अवैध रूप से भारी मात्रा में लकड़ी छिपाकर रखी गई है।
तुरंत एक्शन: मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने उप वनमंडलाधिकारी टीआर मरई और उड़नदस्ता प्रभारी रितु साहू को तुरंत छापेमारी करने के निर्देश दिए।
टीम का गठन: वन विभाग की टीम ने नियम कायदों का पालन करते हुए तलाशी वारंट जारी किया।
संयुक्त कार्रवाई: उड़नदस्ते के दल के साथ तखतपुर वन परिक्षेत्र के कर्मचारियों और जूनापारा पुलिस चौकी के जवानों को साथ लेकर ग्राम बांधा में अचानक धावा बोला गया।
अस्पताल में भर्ती आरोपी: मुख्य आरोपी खम्हन सोनवानी अस्पताल में भर्ती मिला, जिसके चलते टीम ने वारंट उसकी अनुपस्थिति में बेटे राजेश सोनवानी को तामील कराया।
बरामदगी: घर और बाड़ी की चप्पे-चप्पे की तलाशी के दौरान टीम को सागौन के 31 चिरान बरामद हुए।
आगे की कार्रवाई: सभी लकड़ियों को जब्त कर भारतीय वन अधिनियम, 1927 की सख्त धाराओं के तहत वन अपराध दर्ज किया गया है और जब्ती के बाद लकड़ी को कोटा विक्रय डिपो भेज दिया गया है।
इस सफल और रोमांचक कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में उप वनमंडलाधिकारी टीआर मरई, उड़नदस्ता प्रभारी रितु साहू और सहायक प्रभारी लोकमणि त्रिपाठी सहित अन्य वनकर्मी व पुलिस बल शामिल रहे।
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