नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। रतनपुर थाना क्षेत्र के जुनाशहर वार्ड क्रमांक 15 में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब घर के पास स्थित प्राचीन बावली में एक 20 वर्षीय युवक की लाश पानी में तैरती मिली। मृतक की पहचान जगदीश पोर्ते पिता जगत पोर्ते के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही रतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बावली से बाहर निकलवाकर जांच शुरू की।
रतनपुर टीआइ निलेश पांडेय ने बताया कि हरेली पर्व की रात जगदीश नशे की हालत में घर पहुंचा था। इस दौरान किसी बात को लेकर उसका स्वजन से विवाद हो गया। विवाद के बाद वह घर से निकल गया। देर रात तक उसके वापस नहीं लौटने पर स्वजन को चिंता हुई और उन्होंने उसकी तलाश शुरू कर दी। स्वजन और आसपास के लोग रात से ही संभावित स्थानों पर उसकी खोजबीन कर रहे थे।
शुक्रवार सुबह घर से कुछ ही दूरी पर स्थित बावली के पास लोगों की नजर पानी में तैरती लाश पर पड़ी। इसकी सूचना तत्काल स्वजन और पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
फिलहाल युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि युवक बावली में दुर्घटनावश गिरा या उसने किसी वजह से आत्महत्या की। स्वजन के बयान लेने के साथ ही पुलिस घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट होने की बात कही जा रही है। वहीं, रतनपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। युवक के बावली तक पहुंचने और वहां उसकी मौत होने के बीच की परिस्थितियों को जानने के लिए पुलिस आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रही है।
प्राचीन बावली को लेकर प्रचलित है सुरंग की कहानी
रतनपुर की इस प्राचीन बावली को लेकर क्षेत्र में वर्षों से एक रोचक मान्यता भी प्रचलित है। स्थानीय लोगों के अनुसार कहा जाता है कि रतनपुर स्थित यह बावली जमीन के भीतर बने एक पुराने रास्ते या सुरंग के जरिए जूना बिलासपुर क्षेत्र में स्थित प्राचीन बावली से जुड़ी हुई थी। मान्यता है कि पुराने समय में रतनपुर के राजाओं के आवागमन के लिए इस भूमिगत रास्ते का इस्तेमाल किया जाता था
और इसके जरिए रतनपुर से बिलासपुर तक आना-जाना होता था। हालांकि इस भूमिगत मार्ग के संबंध में ऐतिहासिक या पुरातात्विक प्रमाण की पुष्टि नहीं हुई है। बावली और उससे जुड़ी यह कहानी आज भी स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। क्षेत्र के बुजुर्ग इसे रतनपुर के प्राचीन इतिहास और तत्कालीन राज व्यवस्था से जोड़कर देखते हैं।
रात में घर से निकला, सुबह बावली में मिली लाश
स्वजन के अनुसार हरेली की रात जगदीश नशे की हालत में घर पहुंचा था। इसी दौरान घर में विवाद हुआ और वह वहां से निकल गया। देर रात तक उसके वापस नहीं आने पर स्वजन ने उसकी तलाश शुरू की। आसपास और संभावित स्थानों पर खोजबीन के बावजूद उसका पता नहीं चला।
शुक्रवार सुबह घर के पास स्थित बावली में उसकी लाश पानी में तैरती दिखाई दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि युवक बावली तक कैसे पहुंचा और उसकी मौत किस वजह से हुई।
हादसा, आत्महत्या या कोई अन्य परिस्थिति
इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वास्तविक वजह सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।