सहायक प्राध्यापक भर्ती में डिग्री विवाद: एमटेक कंप्यूटर टेक्नोलॉजी समकक्षता मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, मिली अगली तारीख
छत्तीसगढ़ में सहायक प्राध्यापक (कंप्यूटर साइंस) भर्ती के लिए एमटेक कंप्यूटर टेक्नोलॉजी डिग्री की समकक्षता से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई च...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 09 Oct 2026 08:33:30 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Oct 2026 08:33:30 PM (IST)
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट ने डिग्री समकक्षता मामले में सुनवाई 4 हफ्ते टाली।
- राज्य सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता ने निर्देश हेतु मांगा समय।
- 17 नवंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में होगी अगली सुनवाई।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में सहायक प्राध्यापक भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता की समकक्षता से जुड़े चार मामलों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने चार सप्ताह के लिए टाल दी है। रायपुर निवासी तरुण लाल अमरिया सहित याचिकाकर्ताओं के मामलों में राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने पूर्व आदेश के संदर्भ में निर्देश लेने के लिए समय मांगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मामलों को 17 नवंबर 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया।
न्यायमूर्ति पामिदिघंतम श्री नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ के समक्ष छह अक्टूबर को इन मामलों की सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से समय मांगे जाने के बाद पीठ ने सुनवाई आगे बढ़ा दी। इस आदेश में भर्ती से जुड़े विवाद पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया गया है। तरुण लाल अमरिया ने सहायक प्राध्यापक (कंप्यूटर साइंस) के पद पर नियुक्ति के लिए अपनी एमटेक कंप्यूटर टेक्नोलॉजी की डिग्री को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के समकक्ष मानने की मांग की थी।
उनका कहना था कि उनके पास स्नातकोत्तर डिग्री के साथ संबंधित विषय में राज्य पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने की योग्यता भी है। उन्होंने यह भी दलील दी थी कि तकनीकी शिक्षा से जुड़े नियमों और विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में उनकी डिग्री को कंप्यूटर साइंस से संबंधित माना गया है। दूसरी ओर, राज्य सरकार और लोक सेवा आयोग ने कहा था कि भर्ती विज्ञापन में निर्धारित विषय की स्नातकोत्तर डिग्री आवश्यक है। विशेषज्ञ समिति ने एमटेक कंप्यूटर टेक्नोलॉजी को कंप्यूटर साइंस में अपेक्षित स्नातकोत्तर डिग्री के समकक्ष नहीं माना था।
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हाई कोर्ट ने खारिज की थी अपील
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रजनी दुबे की पीठ ने 25 अप्रैल 2024 को तरुण लाल अमरिया की अपील खारिज कर दी थी। पीठ ने विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर माना कि याचिकाकर्ता निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करते। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। अब सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार के निर्देश लेने के लिए समय मांगने पर सुनवाई टल गई है। मामले में अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 को होगी।