
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः नवीन राशन कार्ड बनवाने, नाम जोड़ने व काटने के लिए जाति व आय प्रमाण पत्र की अनिवार्यता से आमजन परेशान हैं। वार्ड क्रमांक 46 के पार्षद इब्राहिम खान (अब्दुल) ने कलेक्टर व निगम आयुक्त को पत्र सौंपकर इस बाध्यता को समाप्त करने अथवा पार्षद द्वारा जारी प्रमाण पत्र मान्य करने की मांग की है।
नवीन राशन कार्ड जारी करने और संशोधन की प्रक्रिया के दौरान आम नागरिकों से जाति व आय प्रमाण पत्र की मांग की जा रही है। नई व्यवस्था से जरूरतमंद हितग्राहियों को राशन कार्ड बनवाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर पालिक निगम बिलासपुर के गणेश नगर, वार्ड क्रमांक 46 के पार्षद इब्राहिम खान (अब्दुल) ने कलेक्टर एवं निगम आयुक्त को पत्र लिखकर नियमों में संशोधन की मांग रखी है।
पार्षद ने पत्र में उल्लेख किया है कि वर्तमान में अधिकांश नागरिकों के पास जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होता। ऐसे में इस दस्तावेज की बाध्यता के कारण आम लोग शासकीय योजनाओं से वंचित हो रहे हैं और दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि राशन कार्ड निर्माण एवं संशोधन प्रक्रिया से जाति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता को तुरंत समाप्त किया जाए। यदि सत्यापन आवश्यक हो तो वार्ड पार्षद द्वारा जारी किए जाने वाले जाति व आय प्रमाण पत्र को ही मान्य किया जाए। पार्षद ने जनहित को ध्यान में रखते हुए नियमों में यथाशीघ्र सुधार करने का आग्रह किया है।
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दस्तावेजों के अभाव में भटक रहे जरूरतमंद हितग्राही
राशन कार्ड में नाम जुड़वाने और नया कार्ड बनवाने के लिए जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य किए जाने से वार्डवासियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। खासकर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के पास औपचारिक जाति प्रमाण पत्र न होने के कारण उनके आवेदन स्वीकृत नहीं हो पा रहे हैं।