• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

गोद ली बेटी और भतीजे के बीच रिटायरमेंट लाभ का विवाद, हाई कोर्ट ने आदेश पर लगाई रोक, 30 नवंबर को अगली सुनवाई

स्व. बनारसी राम के सेवानिवृत्ति देयकों और उत्तराधिकार प्रमाणपत्र को लेकर उनकी गोद ली बेटी अल्का नागेशिया और भतीजे अवधेश कुमार के बीच चल रहे विवाद में ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 26 Sep 2026 05:38:07 PM (IST)Updated Date: Sat, 26 Sep 2026 05:38:07 PM (IST)
गोद ली बेटी और भतीजे के बीच रिटायरमेंट लाभ का विवाद, हाई कोर्ट ने आदेश पर लगाई रोक, 30 नवंबर को अगली सुनवाई
रामानुजगंज के बहुचर्चित उत्तराधिकार मामले में मोड़।

HighLights

  1. रामानुजगंज के बहुचर्चित उत्तराधिकार मामले में मोड़
  2. व्यवहार न्यायालय बनाम जिला अदालत का फैसला
  3. अपीलीय अदालत के आदेश पर कोर्ट ने लगाई रोक

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। स्व. बनारसी राम के सेवानिवृत्ति देयकों और उत्तराधिकार प्रमाणपत्र को लेकर उनकी गोद ली बेटी अल्का नागेशिया और भतीजे अवधेश कुमार के बीच चल रहे विवाद में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत दी है।

हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा

न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत ने प्रथम जिला न्यायाधीश, रामानुजगंज के अतिरिक्त न्यायाधीश द्वारा 18 अगस्त 2026 को पारित आदेश के प्रभाव और संचालन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। साथ ही राज्य को निर्देश दिया है कि तब तक सेवानिवृत्ति देयकों का भुगतान अल्का नागेशिया या अवधेश कुमार, किसी के पक्ष में न किया जाए।

मामला अल्का नागेशिया विरुद्ध अवधेश कुमार का है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पुष्कर सिन्हा ने पक्ष रखा। हाई कोर्ट ने अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

सेवानिवृत्ति देयकों और उत्तराधिकार का विवाद

स्व. बनारसी राम की 2 मार्च 2020 को सेवा में रहते मृत्यु हुई थी। उनकी पत्नी सोनिया बाई का भी 19 सितंबर 2020 को निधन हो गया। इसके बाद सेवानिवृत्ति देयकों के लिए उत्तराधिकार प्रमाणपत्र हासिल करने अवधेश कुमार ने भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 की धारा 372 के तहत रामानुजगंज के प्रथम व्यवहार न्यायाधीश (वरिष्ठ श्रेणी) के समक्ष आवेदन किया था। यह उत्तराधिकार प्रकरण दर्ज हुआ।


25 मार्च 2025 को व्यवहार न्यायाधीश ने आवेदन खारिज करते हुए माना था कि अल्का नागेशिया, जो बनारसी राम की दत्तक पुत्री है, उनकी एकमात्र उत्तराधिकारी है और वही देयकों की हकदार है।

यह भी पढ़ें- कान्हा जा रहे 5 दोस्तों की कार उफनती नदी में बही, पुलिस की चेतावनी के बाद भी स्टॉपर तोड़कर घुसाई कार; रात में रेस्क्यू

निचली अदालत के फैसले से हाई कोर्ट तक का सफर

इस आदेश के खिलाफ अवधेश कुमार ने भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 388(2) के तहत अपील की। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, रामानुजगंज ने सिविल अपील में 18 अगस्त 2026 को अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत का आदेश पलट दिया। इसके खिलाफ अल्का नागेशिया ने हाई कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की।

सुनवाई में अल्का की ओर से कहा गया कि वह मृतक की दत्तक पुत्री है, जबकि अवधेश उनके भाई का बेटा है। अपीलीय अदालत ने बिना ठोस एवं विश्वसनीय साक्ष्य के व्यवहार न्यायालय के निष्कर्षों को बदल दिया है।

हाई कोर्ट ने रिकॉर्ड देखने के बाद प्रथमदृष्टया याचिकाकर्ता के पक्ष में मामला पाया और अपीलीय अदालत के 18 अगस्त के आदेश के प्रभाव पर रोक लगा दी। कोर्ट ने उत्तराधिकार प्रकरण और सिविल अपील का रिकॉर्ड भी तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर 2026 को होगी।