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मक्कार शब्द पर भड़के इंजीनियर, मांगी सार्वजनिक माफी: बिलासपुर महापौर और निगम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

बिलासपुर नगर निगम की एमआईसी बैठक में एक सदस्य द्वारा इंजीनियरों के लिए 'मक्कार' शब्द के इस्तेमाल पर विवाद गहरा गया है। अभियंताओं ने महापौर और आयुक्त क...और पढ़ें

By kranti namdevEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Tue, 28 Jul 2026 07:58:24 AM (IST)Updated Date: Tue, 28 Jul 2026 07:58:24 AM (IST)
मक्कार शब्द पर भड़के इंजीनियर, मांगी सार्वजनिक माफी: बिलासपुर महापौर और निगम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
काली पट्टी लगाकर कलेक्टर कार्यालय में पहुंचे अभियंता किया विरोध प्रदर्शन।

HighLights

  1. एमआईसी सदस्य की अमर्यादित टिप्पणी से क्षुब्ध अभियंता।
  2. काली पट्टी बांधकर नगर निगम के इंजीनियरों ने किया विरोध।
  3. मान-सम्मान को ठेस पहुंचने पर प्रशासनिक गलियारों में मचा हड़कंप।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। नगर पालिक निगम बिलासपुर की हाल ही में आयोजित मेयर-इन-काउंसिल की बैठक के दौरान उठा विवाद गहराता जा रहा है। बैठक में एमआईसी सदस्य बंधू मौर्य द्वारा निगम के समस्त अभियंताओं के लिए मक्कार शब्द का प्रयोग किए जाने के विरोध में पूरा अभियंता संवर्ग लामबंद हो गया है। समस्त अभियंताओं ने एकजुट होकर महापौर, निगम आयुक्त और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आपत्ति दर्ज कराई है।

अभियंताओं का कहना है कि यह टिप्पणी सामान्य समीक्षा न होकर पूरे संवर्ग की ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और व्यावसायिक प्रतिष्ठा पर सीधा हमला है। संवैधानिक बैठक में इस प्रकार की अपमानजनक भाषा का प्रयोग अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, जिससे मैदानी स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों का मनोबल बुरी तरह प्रभावित हुआ है।


इंजीनियरों ने स्पष्ट किया कि वे केवल निर्माण कार्यों का निरीक्षण ही नहीं करते, बल्कि जलप्रदाय, नाली सफाई, सड़क प्रकाश, अतिक्रमण हटाने, आपदा प्रबंधन, चुनाव और नागरिक शिकायतों के निराकरण व अन्य दर्जनों दायित्व संभालते हैं। सीमित संसाधनों, जन प्रतिनिधियों के बार-बार बदलते प्रस्तावों और कर्मचारियों की कमी के बावजूद वे निरंतर काम कर रहे हैं। मामले में अभियंताओं ने शासन-प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है, जिससे निगम में हड़कंप मच गया है।

काली पट्टी लगाकर किया विरोध प्रदर्शन

एमआईसी सदस्य के अमर्यादित व्यवहार के विरोध में निगम के समस्त अभियंताओं ने काम के दौरान काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। इंजीनियरों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती और सम्मानजनक वातावरण नहीं मिलता, तब तक वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।

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सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की रखी मांग

ज्ञापन के माध्यम से अभियंताओं ने मांग की है कि संबंधित एमआईसी सदस्य सार्वजनिक रूप से अपना बयान वापस लेते हुए पूरे संवर्ग से सामूहिक क्षमा-याचना करें। साथ ही, इस आपत्ति को आगामी एमआईसी बैठक के कार्यवृत्त में दर्ज किया जाए और भविष्य में ऐसी टिप्पणी रोकने के लिए स्पष्ट आचार-मानक लागू किए जाएं।

स्टाफ की कमी और समस्याओं का हो आकलन

अभियंताओं ने मांग उठाई है कि किसी भी कार्य की समीक्षा करते समय उपलब्ध बजट, भूमि की उपलब्धता, स्थल परिवर्तन और स्टाफ की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखा जाए। सभी जोनों में रिक्त पदों पर तत्काल लिपिकीय व मैदानी अमला उपलब्ध कराया जाए ताकि नागरिक सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें।

वर्जन --

हमारा उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव उत्पन्न करना नहीं, बल्कि अभियंता संवर्ग की गरिमा, सम्मान और स्वस्थ कार्य वातावरण को बनाए रखना है। एमआईसी बैठक में की गई अपमानजनक टिप्पणी से सभी अभियंताओं का मनोबल गिरा है। प्रशासन से अपेक्षा है कि इस प्रकरण में शीघ्र उचित और सम्मानजनक कार्रवाई की जाएगी।

एसपी साहू, अधीक्षण अभियंता नगर निगम बिलासपुर