
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। खरीफ के फसल को कीट-व्याधि से बचाने के लिए किसान जिन महंगे कीटनाशकों का छिड़काव कर रहे हैं, उनकी गुणवत्ता के कोई गारंटी नहीं है। कृषि विभाग के कीटनाशक गुण नियंत्रण का पूरा तंत्र ठप पड़ा है और जिले में एक भी कीटनाशक सैंपल के जांच रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार खरीफ वर्ष 2026 में बिलासपुर जिले के लिए कीटनाशक गुण नियंत्रण के तहत मात्र 35 नमूने लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लेकिन मैदानी अमले के सुस्ती का आलम यह रहा कि अगस्त माह तक लक्ष्य के आधे यानी सिर्फ 18 सैंपल ही एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे जा सके। इससे भी गंभीर स्थिति प्रयोगशाला स्तर पर देखने को मिली है।
भेजे गए इन 18 नमूनों में से एक भी सैंपल का परिणाम (मानक या अमानक) विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है। रिपोर्ट में परिणाम और कार्रवाई के सभी कालम पूरी तरह निरंक हैं। बिना गुणवत्ता जांच के ही बाजार में धड़ल्ले से कीटनाशक बिक रहे हैं और किसान इन्हें खरीदने को मजबूर हैं।
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असली-नकली के पहचान बिना कैसे बचेगी धान के फसल
खरीफ सीजन में धान के फसल पर तनाछेदक, भूरा माहो और बंकी जैसे कीटों का प्रकोप बड़े पैमाने पर होता है। इससे बचाव के लिए किसान करोड़ों रुपये के कीटनाशक दवाएं खरीदते हैं। कई बार दवा छिड़कने के बाद भी कीट नियंत्रण नहीं होने के शिकायतें मिलती हैं, लेकिन विभागीय जांच रिपोर्ट शून्य होने से नकली या कम असरदार दवाओं के पहचान ही नहीं हो पा रही है।
खाद-बीज में दिखाई तेजी, कीटनाशक के सैंपलिंग में फिसड्डी
आंकड़ों के तुलना करें तो विभाग ने बीज और उर्वरक के सैंपल लेने में अपने निर्धारित लक्ष्य से अधिक काम किया है, लेकिन कीटनाशक के मामले में अधिकारी पूरी तरह उदासीन रहे। पूरे जिले के सैकड़ों कृषि केंद्रों के मुकाबले महज 35 का लक्ष्य रखा गया और उसमें भी 17 सैंपल कम लिए गए, जो निगरानी तंत्र के बड़ी खामी को दर्शाता है।
शिकायत के आधार पर तीन जगह एफआईआर कार्रवाई
कृषि आदानों में गड़बड़ी को लेकर विभाग भले ही नियमित सैंपलिंग में पीछे रहा हो, लेकिन शिकायतों पर कार्रवाई का दावा किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार लोंखड़ी, सिरगिट्टी व अन्य जगहों पर विशेष शिकायत के आधार पर जांच के गई थी। इस दौरान टीम ने मौके से सैंपल भी जब्त किए थे। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि शिकायतों के गंभीरता से जांच के बाद अब तक तीन मामलों में एफआईआर दर्ज के जा चुकी है।
वर्जन...
कीटनाशक गुण नियंत्रण के तहत जिले के कृषि केंद्रों से 18 नमूने लेकर परीक्षण के लिए राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भेजे गए हैं। शेष लक्ष्य को पूरा करने के लिए निरीक्षकों को निर्देशित किया गया है। प्रयोगशाला से जैसे ही जांच परिणाम प्राप्त होंगे, यदि कोई भी नमूना अमानक पाया जाता है तो संबंधित विक्रेता और कंपनी पर सख्त वैधानिक कार्रवाई के जाएगी।
एमआर तिग्गा, उप संचालक कृषि विभाग बिलासपुर