• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

पोते की शादी और छत का सपना, सरगुजा कलेक्टर को 30 दिन में निर्णय लेने का अल्टीमेटम

बिलासपुर हाईकोर्ट ने सरगुजा कलेक्टर को अंबिकापुर की 69 वर्षीया बुजुर्ग महिला के पुनर्वास भूमि बेचने संबंधी लंबित आवेदन पर 30 दिन में फैसला करने का निर्देश दिया है।

By Kamlesh RajakEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Fri, 06 Nov 2026 07:45:59 PM (IST)Updated Date: Fri, 06 Nov 2026 07:45:59 PM (IST)
  • को पसंदीदा स्रोत बनाएं preferred source google
पोते की शादी और छत का सपना, सरगुजा कलेक्टर को 30 दिन में निर्णय लेने का अल्टीमेटम
प्रतीकात्मक चित्र

HighLights

  1. बिलासपुर हाईकोर्ट ने सरगुजा कलेक्टर को 30 दिनों में निर्णय का दिया आदेश।
  2. 69 वर्षीया सरला राय का पुनर्वास भूमि बेचने का आवेदन लंबे समय से था लंबित।
  3. पटवारी जांच पूरी होने के बाद भी कलेक्टर स्तर से नहीं हो पा रहा था फैसला।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। पोते की शादी और आवास निर्माण के लिए अपनी जमीन बेचना चाह रहीं सरला राय को हाई कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने कलेक्टर सरगुजा को उनकी पुनर्वास भूमि बेचने की अनुमति संबंधी लंबित अर्जी पर 30 दिन के भीतर कानून के अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है। हालांकि कोर्ट ने जमीन बेचने की अनुमति नहीं दी है और न ही महिला के दावे के गुण-दोष पर कोई राय जाहिर की है।

जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने यह आदेश दिया। अंबिकापुर के ग्राम डिगमा निवासी 69 वर्षीय सरला राय ने ग्राम नेहरूनगर स्थित खसरा नंबर 110/8 की 0.300 हेक्टेयर पुनर्वास भूमि बेचने के लिए कलेक्टर के समक्ष आवेदन किया था। वे इस जमीन की दर्ज भूमिस्वामी हैं। उन्होंने गांव मणिपुर निवासी गौरी देवी से छह लाख रुपये में जमीन बेचने का करार किया था।


याचिका के अनुसार, सरला राय ने 15 मार्च 2024 को कलेक्टर के पास छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता के तहत जमीन बेचने की अनुमति के लिए आवेदन दिया था। उनका कहना था कि परिवार की जरूरतों, विशेषकर पोते की शादी और मकान निर्माण के लिए उन्हें जमीन बेचनी है। आवेदन पर सार्वजनिक सूचना जारी करने, मौके का पंचनामा तैयार करने और पक्षकारों के बयान दर्ज करने जैसी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई थीं। पटवारी ने 28 जून 2024 को जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत कर दी थी। इसके बावजूद कलेक्टर स्तर पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया।

यह भी पढ़ें- बिलासपुर में मिलावटखोरों पर शिकंजा, दो मशहूर स्वीट्स दुकानों पर खाद्य विभाग की छापेमारी

सरकार ने भी 30 दिन में निर्णय पर सहमति दी

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने दलील दी कि सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भी आवेदन लंबे समय से लंबित रखना मनमाना है। उन्होंने इसी तरह के मामले में हाई कोर्ट के 6 अप्रैल 2026 के आदेश का हवाला देते हुए समय-सीमा में निर्णय कराने की मांग की। राज्य शासन के अधिवक्ता ने भी कलेक्टर को 30 दिन में आवेदन पर निर्णय लेने का निर्देश देने पर आपत्ति नहीं की।

हाई कोर्ट ने कलेक्टर को निर्देश दिया कि आवेदन पर कानून के अनुसार विचार कर कारण सहित स्पष्ट आदेश पारित करें। यह समय-सीमा आदेश की प्रति प्राप्त होने से 30 दिन की होगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने जमीन बेचने की अनुमति देने या आवेदन के सही-गलत होने पर कोई राय नहीं दी है। इस पर सक्षम अधिकारी ही कानून के अनुसार फैसला करेंगे।

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।