बिलासपुर। सुरक्षा के लिहाज से साइबर अपराध चुनौती बना हुआ है। इसे लेकर हाई कोर्ट भी गंभीर हो गया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने देशभर के सरकारी कार्यालयों में एक समान साइबर सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार की गाइडलाइन का प्रचार प्रसार करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के जरिए सरकारी कार्यालयों के विभाग प्रमुख के अलावा लोगों को भी साइबर अपराध से बचने के लिए जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। विधिक साक्षरता के साथ ही इसे भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा।

हाई कोर्ट के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सूचना और संचार प्रौद्योगिकी(आइसीटी) देश भर के सरकारी मंत्रालयों और विभागों में अनिवार्य हो गया है। इसके साथ ही साइबर खतरा भी बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता पैदा करनी होगी। इसमें सतर्कता सबसे ज्यादा जरूरी है। सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन में अंग्रेजी के बड़े व छोटे अक्षरों व संख्याओं का संयोजन कर कम से कम आठ अंकों वाले जटिल पासवर्ड का उपयोग करने को कहा गया है। इसके अलावा 45 दिनों में कम से कम एक बार अपना पासवर्ड बदलने की सलाह दी गई है।

अपने डाटा और फाइलों को सेकेंडरी ड्राइव पर सुरक्षित करने व महत्वपूर्ण डाटा का आफलाइन बैकअप बनाकर रखने को कहा गया है। आधिकारिक डेस्कटाप व लैपटाप पर सरकार द्वारा प्रस्तावित एंटरप्राइज एंटीवायरस इंस्टाल कने की सलाह दी गई है।

इन पर किया फोकस

बरतनी होगी ये जरूरी सावधानी

  • एसएमएस या इंटरनेट मीडिया आदि के माध्यम से साझा किए गए किसी भी लिंक को खोलते समय सावधानी बरतें। रोमांचक आफर या छूट आदि का प्रस्ताव देने वाले लिंक से बचना चाहिए।
  • अपने डेटा और फाइलों को सिस्टम ड्राइव पर सेव न करें।
  • किसी भी पायरेटेड साफ्टवेयर का उपयोग न करें।
  • अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे ईमेल में दिए लिंक को न खोलें।
  • सिस्टम पासवर्ड या प्रिंटर पासकोड या वाई-फाई पासवर्ड साझा न करें
  • साझा किए गए यूएसबी ड्राइव सहित किसी भी अनधिकृत बाहरी डिवाइस को प्लग-इन न करें
  • आंतरिक सरकारी दस्तावेज को स्कैन करने के लिए किसी बाहरी मोबाइल ऐप का उपयोग न करें।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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