केंद्र से बराबर राशि मिलने के बाद कितना हुआ काम? छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन की वर्तमान स्थिति बताए राज्य सरकार: हाई कोर्ट
छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन की प्रगति को लेकर बिलासपुर हाई कोर्ट की युगलपीठ (मुख्य न्यायाधीश कृष्णा राम महापात्र एवं जस्टिस संतोष शर्मा) ने राज्य सरकार...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 01 Oct 2026 05:36:25 PM (IST)Updated Date: Thu, 01 Oct 2026 05:36:25 PM (IST)
HighLights
- केंद्र से मिली बराबर राशि के बाद क्या है जल जीवन मिशन का हाल? हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट
- छत्तीसगढ़ में हर घर जल योजना की निगरानी, हाई कोर्ट ने कहा- दिसंबर में शपथपत्र के साथ दें नई स्थिति की जानकारी
- स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर हाई कोर्ट का निर्देश, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पीएचई विभाग से मांगा नया हलफनामा
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कामकाज को लेकर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से योजना की मौजूदा स्थिति की जानकारी मांगी है। मुख्य न्यायाधीश कृष्णा राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की युगलपीठ ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई में जल जीवन मिशन की वर्तमान स्थिति सक्षम अधिकारी के शपथपत्र के साथ कोर्ट के सामने रखी जाए।
मामले की सुनवाई दिसंबर 2026 के तीसरे सप्ताह में होगी। मामला वर्ष 2024 में शुरू हुई स्वत: संज्ञान जनहित याचिका से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने बताया कि इस बीच केंद्र सरकार ने योजना के कामों को पूरा करने के लिए राज्य के हिस्से की बराबर राशि जारी कर दी है।
कोर्ट ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव की ओर से 20 फरवरी 2025 को दाखिल शपथपत्र का भी अवलोकन किया। इसमें जल जीवन मिशन की जिलावार स्थिति बताई गई थी। केंद्र सरकार की ओर से भारत के उप सॉलिसिटर जनरल रमनकांत मिश्रा और हस्तक्षेपकर्ता की ओर से अधिवक्ता चेतना शर्मा ने भी पक्ष रखा। कोर्ट ने राज्य सरकार से अब पुरानी
जिलावार रिपोर्ट के बजाय योजना की वर्तमान स्थिति बताने को कहा है। इसमें अब तक हुए काम और केंद्र से मिली मिलान राशि के बाद योजना की प्रगति का विवरण शपथपत्र के साथ प्रस्तुत करना होगा। मामले को दिसंबर के तीसरे सप्ताह में सुनवाई के लिए रखा गया है।