
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। देर रात आसमान में छाए बादलों ने लोगों को राहत की उम्मीद जरूर दी, लेकिन सोमवार की सुबह होते-होते बादल छंट गए और शहर एक बार फिर तेज धूप व उमस की चपेट में आ गया। अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब डेढ़ डिग्री अधिक रहा। दिनभर गर्म हवाओं और उमस ने लोगों को परेशान किया। बाजार, कार्यालय, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर लोग पसीना पोंछते नजर आए। अब लोगों की निगाहें मानसून की संभावित आमद पर टिकी हुई हैं, जिससे मौसम में राहत मिलने की उम्मीद है।
सोमवार को सुबह से ही मौसम का मिजाज गर्म बना रहा। सूरज निकलते ही धूप का असर बढ़ने लगा और दोपहर तक सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दी। कामकाजी लोग जरूरी कार्यों के लिए घरों से निकले, लेकिन गर्मी और उमस के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के बाजारों में भी दोपहर के समय अपेक्षाकृत कम भीड़ दिखाई दी, जबकि शाम ढलने के बाद लोगों की आवाजाही बढ़ी। एक दिन पहले शहर के आसपास के क्षेत्रों में हल्की वर्षा दर्ज की गई थी।
वर्षा के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस का स्तर और अधिक महसूस किया गया। लोगों को उम्मीद थी कि रात में छाए बादलों का असर दिन में भी रहेगा, लेकिन सुबह होते ही आसमान साफ हो गया और तेज धूप ने राहत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। मौसम विज्ञानियों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून आंध्र प्रदेश के शेष भागों, पश्चिम बंगाल, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है। मानसून की उत्तरी सीमा हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर तक पहुंच गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों में छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मानसून प्रवेश कर सकता है। मंगलवार को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा, गरज-चमक और अंधड़ के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है।
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सड़कों पर आवाजाही कम
तेज धूप और उमस का असर लोगों की दिनचर्या पर साफ दिखाई दिया। सुबह से ही लोग छाता, गमछा और पानी की बोतल लेकर घरों से निकले। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम रही। कई लोगों ने जरूरी काम सुबह या शाम के समय निपटाना बेहतर समझा। पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर भी दिन में सन्नाटा रहा, जबकि शाम को कुछ राहत मिलने पर लोगों की भीड़ दिखाई दी।
मानसून की रफ्तार बढ़ी
दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार यह आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है। मानसून की उत्तरी सीमा तेजी से आगे बढ़ रही है। अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो अगले चार से पांच दिनों में छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में मानसून की एंट्री हो सकती है। इसके बाद तापमान में गिरावट और मौसम में बदलाव की संभावना बढ़ जाएगी।
आज वर्षा की संभावना
मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर अंधड़ चलने और वज्रपात की भी आशंका है। हालांकि अधिकतम तापमान में केवल हल्की वृद्धि होने की संभावना है और मौसम में कोई बड़ा बदलाव फिलहाल नहीं दिख रहा। फिर भी बादलों की गतिविधियां बढ़ने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद बनी हुई है।