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बिलासपुर में गुरुजी निकला चोरों का उस्ताद: चोरी के पैसों से क्रेटा- बुलेट की ऐश, बुलेट-ब्वॉय के साथ करता था वारदात

बिलासपुर में सूने मकानों में दिनदहाड़े चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। मास्टरमाइंड एक जूता दुकानदार और दूसरा प्रिंसिपल रह चुका भूपेंद्र उर्फ ...और पढ़ें

By Mohammad Safraj MemonEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Mon, 12 Oct 2026 03:59:41 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Oct 2026 03:59:41 PM (IST)
बिलासपुर में गुरुजी निकला चोरों का उस्ताद: चोरी के पैसों से क्रेटा- बुलेट की ऐश,  बुलेट-ब्वॉय के साथ करता था वारदात
साथियों समेत गिरफ्तार

HighLights

  1. प्रिंसिपल की नौकरी छोड़कर चोरी करने लगा गुरुजी।
  2. बिलासपुर पुलिस ने तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया।
  3. 10 चोरियों का खुलासा, 19.81 लाख का सामान जब्त।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: ग्रामीण इलाकों में दिनदहाड़े सूने मकानों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह का मास्टर गांव में जूते की दुकान चलाता है। वहीं, दूसरा आरोपित एक निजी स्कूल में प्रिंसिपल था। एसीसीयू बिलासपुर और कोटा पुलिस की संयुक्त टीम ने कोरबा जिले में दबिश देकर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से सोने-चांदी के जेवर, नकदी और चोरी की रकम से खरीदे गए वाहन समेत करीब 19.81 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया है।

आरोपितों से बिलासपुर जिले के नौ और कोरबा जिले के एक मामले का राजफाश हुआ है। एएसपी मधुलिका सिंह ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से कोटा, रतनपुर, बिल्हा और बेलगहना चौकी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दिन के समय सूने मकानों के ताले तोड़कर चोरी की घटनाएं हो रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआइजी एवं एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर संयुक्त टीम गठित की गई।


पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और पुराने आपराधिक रिकार्ड के आधार पर कोरबा के मानिकपुर क्षेत्र निवासी विनोद कुमार वासुदेव (33), भूपेंद्र सिंह राठौर उर्फ गुरुजी (43) और राज प्रजापति उर्फ लल्लू (19) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपितों ने वारदात करना स्वीकार किया। जांच में सामने आया कि आरोपित दोपहर के समय ग्रामीणों के खेती-किसानी या अन्य काम से बाहर जाने का फायदा उठाते थे।

सूने मकान में ताला लगा देखकर उसे निशाना बनाते और आलमारी तथा पेटियों से जेवरात व नकदी चुरा लेते थे। पुलिस ने आरोपितों को कुल 10 प्रकरणों में गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है। चोरी की रकम से अर्जित संपत्ति की भी जांच की जा रही है।

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चोरी की रकम से खरीदी क्रेटा और बुलेट

पुलिस के मुताबिक विनोद वासुदेव ने चोरी की रकम से सफेद रंग की क्रेटा कार खरीदी और उसकी किस्तें चुकाईं। वहीं, राज प्रजापति ने चोरी के पैसों से अपने चाचा के नाम पर बुलेट मोटरसाइकिल खरीदी और उसकी किस्तें भरीं। पुलिस ने करीब 10 लाख रुपये की क्रेटा, 1.50 लाख रुपये की बुलेट और एक लाख रुपये की होंडा एसपी शाइन मोटरसाइकिल जब्त की है। चोरी की रकम से खरीदी गई संपत्ति के संबंध में भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

जांजगीर जिले में पहले भी दर्ज हैं 19 मामले

एसीसीयू के प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी ने बताया कि तीनों आरोपितों के खिलाफ जांजगीर जिले में वर्ष 2022-23 के दौरान दिन में चोरी के 19 प्रकरण दर्ज हुए थे। इन मामलों में वे पहले जेल भी जा चुके हैं और मामला न्यायालय में है।

वर्तमान कार्रवाई में जब्त सामान में करीब छह लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर, एक लाख 30 हजार रुपये नकद और गुल्लक के एक हाजार 250 रुपये के सिक्के शामिल हैं। पुलिस आरोपितों के पुराने आपराधिक रिकार्ड के आधार पर आगे की जांच कर रही है।

लालच में आकर छोड़ी नौकरी

आरोपित भूपेंद्र सिंह राठौर उर्फ गुरुजी चोरी के मामले में पहले भी पकड़ा जा चुका है। इससे पहले वह गांव के ही एक निजी स्कूल में प्रिंसिपल था। नौकरी के दौरान ही गांव में रहने वाले विनोद वासुदेव के संपर्क में आया। तब उसने विनोद के साथ मिलकर चोरियां करना शुरू कर दिया। एक बार पकड़े जाने के बाद उसने नौकरी छोड़ दी। अब वह केवल चोरियां करता है।

पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि आरोपित गांव में बड़ा मकान बनवा रहा है। इधर विनोद भी गांव में दिखाने के लिए जूते चप्पल की दुकान चलाता है। साथ ही जमीन की दलाली करने की बात बताता है। तीसरे सदस्य को उन्होंने हाल में अपने साथ मिलाया था। उसका अपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है।