
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: भगवान जगन्नाथ मंदिर में वार्षिक रथयात्रा महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। महास्नान पूर्णिमा के बाद अनासर काल में विराजमान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा 14 जुलाई को नेत्रोत्सव के अवसर पर पुनः भक्तों को दर्शन देंगे। इसी दिन मंदिर का ध्वज परिवर्तन भी होगा। मंदिर समिति के अनुसार भगवान का विशेष श्रृंगार कर पट खोला जाएगा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे।
मंदिर के पुजारी पं. गोविंद पाढ़ी ने बताया कि अनासर काल में भगवान की सेवा पारंपरिक विधि से की जा रही है। उन्हें जड़ी-बूटियों और अदरक के काढ़े का भोग लगाया जा रहा है। 15 जुलाई को रथ की प्राण-प्रतिष्ठा होगी, जबकि 16 जुलाई को दोपहर दो बजे भगवान का रथ रेलवे क्षेत्र स्थित जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर के लिए रवाना होगा। यात्रा से पहले छेरापहरा की परंपरा निभाई जाएगी।
इस बार यह रस्म एसईसीएल के निदेशक (तकनीकी, पीएंडपी) रमेशचंद्र मोहपात्रा निभाएंगे। रथयात्रा को लेकर प्रशासन और मंदिर समिति भी संयुक्त रूप से तैयारियों में जुटी है। यात्रा मार्ग पर पेड़ों की छंटाई, रथ निर्माण और श्रद्धालुओं की सुविधा संबंधी व्यवस्थाएं लगातार की जा रही हैं।
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रथ के गुंबद की ऊंचाई बढ़ेगी, नए ब्रेक भी लगाए जाएंगे
इस बार भगवान जगन्नाथ के रथ में कई बदलाव किए जा रहे हैं। समिति ने रथ के गुंबद की ऊंचाई बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे इसकी भव्यता और आकर्षण बढ़ेगा। साथ ही लंबे समय से उपयोग में रहे पुराने ब्रेक को बदलकर नया ब्रेक लगाया जा रहा है। रथ का निर्माण अंतिम चरण में है और इसे पुरी से मंगाए गए नए वस्त्रों से सजाया जाएगा।
यात्रा मार्ग पर पेड़ों की छंटाई, प्रशासन ने शुरू की तैयारी
रथयात्रा के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए यात्रा मार्ग पर पेड़ों की छंटाई कराई जा रही है। रेलवे क्षेत्र से तारबाहर चौक तक यह कार्य पूरा हो चुका है। अब तारबाहर से गांधी चौक और जगमल चौक तक शाखाओं की कटाई की जाएगी। प्रशासन और मंदिर समिति यात्रा मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाने में जुटी है।
अब पांच क्विंटल कनिका महाप्रसाद का होगा वितरण
रथयात्रा में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए इस बार महाप्रसाद की मात्रा भी बढ़ाई गई है। पहले जहां एक क्विंटल चावल से कनिका तैयार होती थी, वहीं अब पांच क्विंटल चावल से महाप्रसाद बनाया जाएगा। इसमें काजू, किशमिश, लौंग, इलायची, चीनी और हल्दी का उपयोग होगा। समिति का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं तक महाप्रसाद पहुंचाना है।
16 जुलाई को निकलेगी रथयात्रा, 24 को होगी बहुड़ा यात्रा
16 जुलाई को दोपहर दो बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का रथ रेलवे क्षेत्र स्थित मंदिर से तितली चौक, रेलवे स्टेशन, तारबाहर, गांधी चौक, तोरवा काली मंदिर होते हुए गुंडिचा मंदिर पहुंचेगा। वहीं 24 जुलाई को बहुड़ा यात्रा निकलेगी, जिसमें भगवान पुनः मुख्य मंदिर लौटेंगे। बहुड़ा यात्रा में राजा गोपाल कृष्ण राय द्वारा छेरापहरा की परंपरा निभाई जाएगी।
इस्कान की रथयात्रा 19 जुलाई को, शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगी
इस्कन बिलासपुर प्रचार केंद्र की ओर से 19 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। यात्रा दोपहर तीन बजे बृहस्पति बाजार से शुरू होकर देवकीनंदन चौक, सदर बाजार, गोल बाजार, तेलीपारा रोड, पुराना बस स्टैंड, अग्रसेन चौक, सत्यम चौक, पुलिस ग्राउंड और फूल चौक होते हुए पुनः बृहस्पति बाजार पहुंचेगी। आयोजन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।