जांजगीर-चांपा जमीन विवाद मामला: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कलेक्टर से कहा, पामगढ़ एसडीओ की कार्यप्रणाली पर लें स्पष्टीकरण
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ में जमीन निर्माण पर रोक लगाने के बाद एसडीओ (राजस्व) द्वारा वैध दस्तावेज स्वीकार न करने और सुनवाई का मौका न द...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 21 Aug 2026 02:45:48 PM (IST)Updated Date: Fri, 21 Aug 2026 02:45:48 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- निर्माण पर रोक के बाद दस्तावेज लेने से इनकार।
- पामगढ़ एसडीओ पर पक्ष नहीं रखने देने का गंभीर आरोप।
- हाई कोर्ट ने 10 दिन में शपथपत्र दाखिल करने का दिया निर्देश।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ में जमीन पर निर्माण को लेकर हाई कोर्ट ने प्रशासनिक स्तर पर दस्तावेज स्वीकार नहीं करने और पक्ष रखने का अवसर नहीं देने की शिकायत को गंभीरता से लिया है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि एसडीओ (राजस्व) ने निर्माण पर रोक लगाने के बाद जब वे अपने कब्जे और निर्माण को वैध साबित करने से संबंधित दस्तावेज लेकर पहुंचे तो दस्तावेज लेने से इनकार कर दिया और उन्हें सुनवाई का अवसर भी नहीं दिया।
जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने 20 अगस्त 2026 को राज कुमार रोहिदास बनाम छत्तीसगढ़ राज्य में सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ताओं को कलेक्टर जांजगीर-चांपा के समक्ष अभ्यावेदन देने का निर्देश दिया है।
25 मई के आदेश से निर्माण पर लगाई गई थी रोक
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता प्रकाश मणि श्रीवास ने बताया कि एसडीओ (राजस्व), पामगढ़ ने 25 मई 2026 को आदेश जारी कर संबंधित भूमि पर याचिकाकर्ताओं द्वारा किए जा रहे निर्माण पर रोक लगा दी थी।
इसके बाद याचिकाकर्ता एसडीओ के समक्ष संबंधित दस्तावेज लेकर पहुंचे। उनका कहना है कि इन दस्तावेजों से यह साबित होता है कि वे भूमि पर वैध कब्जे में हैं और किया जा रहा निर्माण उनके अधिकारों के अनुरूप और वैध है। आरोप है कि एसडीओ ने दस्तावेज रिकॉर्ड पर लेने से इनकार कर दिया और उनका पक्ष सुनने का अवसर भी नहीं दिया।
कलेक्टर एसडीओ से मांगेगा स्पष्टीकरण
हाई कोर्ट ने कलेक्टर जांजगीर-चांपा को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन पर शिकायत की गंभीरता से जांच करें। कलेक्टर को संबंधित एसडीओ से यह स्पष्टीकरण लेने को कहा गया है कि याचिकाकर्ताओं द्वारा पेश किए जाने वाले दस्तावेज रिकॉर्ड पर क्यों नहीं लिए गए और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर क्यों नहीं दिया गया।
कलेक्टर यह भी जांच करेंगे कि शिकायत सामने आने के बाद एसडीओ ने उसके निराकरण के लिए कोई उचित कदम उठाया था या नहीं। आरोप सही पाए जाने पर कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
एसडीओ को 10 दिन में देना होगा शपथपत्र
हाई कोर्ट ने कलेक्टर को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि पामगढ़ के एसडीओ (राजस्व) अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों पर 10 दिन के भीतर शपथपत्र दाखिल करें। शपथपत्र में विशेष रूप से दस्तावेज लेने से इनकार करने और याचिकाकर्ताओं को सुनवाई का अवसर नहीं देने के आरोपों का जवाब देना होगा।
अदालत ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक स्पष्टीकरण और दस्तावेजों सहित शपथपत्र 7 सितंबर 2026 तक दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर 2026 को होगी।