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बिलासपुर सिम्स के जूनियर डॉक्टर हड़ताल की राह पर, 17 मांगों को लेकर घेराबंदी, 1 हफ्ते का दिया अल्टीमेटम

बिलासपुर के सिम्स (CIMS) अस्पताल में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के आह्वान पर पीजी और इंटर्न डॉक्टरों ने स्टायफंड बढ़ाने समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर सां...और पढ़ें

By Atul VasingEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 04:35:28 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 04:35:28 PM (IST)
बिलासपुर सिम्स के जूनियर डॉक्टर हड़ताल की राह पर, 17 मांगों को लेकर घेराबंदी, 1 हफ्ते का दिया अल्टीमेटम
हड़ताल करते हुए डाक्टर

HighLights

  1. सिम्स बिलासपुर में पीजी और इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन शुरू।
  2. स्टायफंड समेत 17 सूत्रीय मांगों पर बांधी काली पट्टी।
  3. 1 सप्ताह में मांगें न मानने पर प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी।

नईदुनिया प्रतिनिधि,बिलासपुर: जूनियर डाक्टर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के आह्वान पर सोमवार को सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) के पीजी डाक्टरों के साथ इंटर्न डाक्टरों ने अपनी स्टायफंड 17 सूत्री मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस दौरान चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया।

मांगों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ हुई सकारात्मक चर्चा और मांगों के निराकरण के आश्वासन के बाद फिलहाल प्रस्तावित हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है। जेडीए सिम्स के अध्यक्ष डा़ नागेंद्र कुमार साहू ने बताया कि सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह सांकेतिक आंदोलन आने वाले ती दिनों तक चलेगा, जिसमें रैली और कैंडल मार्च जैसे शांतिपूर्ण कार्यक्रम शामिल हैं।


इसे लेकर जेडीए के प्रदेश महासचिव डा़ योगेश्वर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि चिकित्सक काली पट्टी बांधकर भी ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं निरंतर प्रदान कर रहे हैं। यदि निर्धारित समयावधि या आगामी एक सप्ताह के भीतर सरकार द्वारा कोई ठोस और सकारात्मक आदेश जारी नहीं किया जाता है, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर इमरजेंसी सेवाओं को भी बंद कर प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों, जिला अस्पतालों, सीएचसी एवं पीएचसी स्तर तक चरणबद्ध हड़ताल की जाएगी।

सरकार से सकारात्मक संवाद की उम्मीद

जेडीए ने कहा है कि उन्हें स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन पर भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही चिकित्सकों के हित में ठोस निर्णय लेगी। संगठन ने दोहराया कि उनका संघर्ष केवल चिकित्सकों के अधिकारों और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए है, जिसका उद्देश्य आम जनता को असुविधा पहुंचाना बिल्कुल नहीं है।

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