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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

1,850 डिफाल्टरों का चुनावी भविष्य खतरे में, लड़ना है तो पहले चुकाएं लोन

अंत्यावसायी समिति का 10 करोड़ रुपये बकाया है। लोन चुकाकर एनओसी संलग्न करने पर ही निगम या पंचायत चुनाव लड़ने की होगी पात्रता। कलेक्टर के इस आदेश के बाद...और पढ़ें

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Wed, 18 Dec 2024 01:44:30 PM (IST)Updated Date: Wed, 18 Dec 2024 01:44:30 PM (IST)
1,850 डिफाल्टरों का चुनावी भविष्य खतरे में, लड़ना है तो पहले चुकाएं लोन
ऋण राशि जमा नहीं करने पर इनका नामांकन रद हो सकता है।

HighLights

  1. लोन डिफाल्टर 1,850 हितग्राहियों की सूची सहकारी समिति ने कर दी जारी।
  2. समिति के अधिकारियों ने लोन नहीं चुकाने वालों की शिकायत कलेक्टर से की।
  3. नामांकन फार्म में लोन चुकाने की NOC न हो, तो रद कर दें नामांकन- कलेक्टर।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। जिला अंत्यावसायी विकास सहकारी समिति से लोन लेकर बकाया राशि नहीं चुकाने वाले हितग्राही आगामी नगरीय निकाय या पंचायत चुनाव लड़ने से वंचित हो सकते हैं। लोन न चुकाने वाले 1,850 हितग्राहियों की सूची जिला अंत्यावसायी विकास सहकारी समिति ने जारी की है।

अधिकारियों का कहना है कि कर्ज न चुकाने वाले हितग्राहियों ने अगर चुनाव लड़ने के लिए नामांकन जमा किया, तो ऋण राशि जमा नहीं करने पर इनका नामांकन रद हो सकता है। आगामी नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव को देखते हुए जिला अंत्यावसायी विकास सहकारी समिति के अधिकारियों ने कर्ज लेने के बाद राशि अदा नहीं करने वालों की शिकायत कलेक्टर से की थी।


विषय की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अवनीश शरण ने जिले के सभी नगरीय निकायों के सीएमओ, निगम आयुक्त और जनपद पंचायतों के सीईओ को बकायादारों की सूची सौंपी है। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिया है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों के फार्म पर विशेष निगरानी रखी जाए। यदि इन उम्मीदावारों के नामांकन फार्म में यदि लोन चुकाने का एनओसी संलग्न न हो, तो इनके फार्म को निरस्त कर दिया जाए।

1850 बकायादारों से विभाग को लेने हैं 10 करोड़

अंत्यावसायी विकास सहकारी समिति के कार्यपालन अधिकारी लक्ष्मी कश्यप के अनुसार जिले में कुल 1,850 बकायादार हितग्राही हैं, जिन्होंने अलग-अलग वर्षों में लोन लेकर राशि का भुगतान नहीं किया है। इनमें से अधिकांश लोन 20 से 25 साल तक पुराने हैं। जिले में इन बकायादारों पर कुल 10 करोड़ की वसूली बाकी है।

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ये हैं बड़े बकायेदार

  • झगर राम, ग्राम मटियारी ने ट्रैक्टर ट्राली के लिए 4,20,900 रुपये का लोन लिया था। 66 हजार जमा किए और 4,30,662 रुपये बाकी।
  • संजय कुमार टोप्पो, ग्राम सकरी ने मिनी बस खरीदने के लिए 7,87,550 रुपये का लोन लिया था। 1,61,518 का भुगतान किया, 7,67,791 रुपये बाकी।
  • सोहनलाल, ग्राम डोडकी पो रिस्दा ने 7,87,550 रुपये का लोन मिनी बस खरीदने के लिए लिया था। केवल 60 हजार अदा किए हैं, 8,69,309 लाख रुपये बाकी।
  • कुलदीप बंजारे, गणेश नगर चुचुहियापारा ने जीप टैक्सी के लिए 5,74,750 रुपये का लोन लिया था। 5,18,900 अदा किया व 1,59,301 रुपये बाकी।
  • विनोद कुमार, डिपरापारा तिफरा ने मिनी ट्रक खरीदने 7,45,750 रुपये का लोन लिया था। 14 साल में मात्र 1,62,000 ही जमा किया, 6,97,985 बाकी।
  • ज्वाला प्रसाद, मंगला ने गुड्स कोरियर के नाम पर 2013 में 3,32,500 का कर्ज लिया था। 2,28,000 लोन पटाया है व 1,64,350 रुपये बाकी।

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आसान लोन, फिर भी नहीं हो रहा भुगतान

अंत्यावसायी विकास सहकारी समिति की ओर से अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और सफाई कामगारों को स्वरोजगार के लिए किफायती ब्याज दर पर ऋण दिया गया था। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में हितग्राही ऋण चुकाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में बकायादारों की संख्या ज्यादा है।