नईदुनिया प्रतिनिधि,बिलासपुर: करगीरोड रेलवे स्टेशन पर निर्माण कार्य के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण बड़ा रेल हादसा हो गया। ट्रैक पर छोड़ी गई बैकहो लोडर (जेसीबी) की बकेट से टकराने के बाद एक मालगाड़ी के तीन वैगन पटरी से उतर गए। चालक ने बकेट देखकर इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकने की कोशिश की, लेकिन कम दूरी होने के कारण टक्कर टालना संभव नहीं हो सका। घटना के बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। संबंधित विभाग की टीम उतरे वैगन को वापस पटरी पर लाने में जुट गई। ]
घटना सोमवार को दोपहर 2:20 बजे की है। ट्रैक पर बकेट रखे होने से यह तय है कि स्टेशन में कुछ कार्य चल रहा था, जिसके लिए रेलवे के संबंधित विभाग द्वारा बैकहो लोडर मंगाया गया था। कार्य पूरा होने के बाद बैकहो लोडर तो हट गया लेकिन, उसका बकेट ट्रैक पर ही पड़ा रह गया। जिस पर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी की नजर नहीं पड़ी। इसी स्थिति में उसी ट्रैक पर मालगाड़ी को गुजरने का सिग्नल भी दे दिया गया। सिग्नल मिलने से चालक भी निर्धारित गति से मालगाड़ी को चलाते हुए पेंड्रारोड से बिलासपुर की ओर आ रहा था।
मालगाड़ी करगीरोड स्टेशन की डाउन मेन लाइन नंबर तीन से गुजर रही थी। इसी दौरान चालक ने देखा कि आगे पटरी पर एक बैकहो लोडर का बकेट पड़ा हुआ। यह देखकर चालक के हाथ-पैर फूल गए। उसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि परिचालन के दौरान रेलवे के संबंधित विभाग से इतनी बड़ी चूक होगी। हालांकि चालक ने हिम्मत व सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाई, ताकि मालगाड़ी को रोका जा सके। लेकिन दूरी बहुत कम होने की वजह से मालगाड़ी समय पर नहीं रुक सकी और बकेट से टकरा गई। इस टक्कर के कारण इंजन के बाद के तीन वैगन एक, तीन व छह पटरी से उतर गए। इस घटना के बाद रेलवे में हड़कंप मच गया। अधिकारी व कर्मचारी घटना स्थल पर पहुंचे।
प्रारंभिक जांच में यह वजह सामने आई है कि पटरी पर बकेट पड़े होने की वजह से यह दुर्घटना हुई। विस्तृत जांच अभी जारी है। शाम छह बजे यातायात के लिए ट्रैक फिट घोषित किया गया।
यह भी पढ़ें- जगन्नाथ रथयात्रा 2026: 16 जुलाई को बिलासपुर में निकलेगी भव्य रथयात्रा, महाप्रसाद की मात्रा में पांच गुना बढ़ोतरी
हताहत नहीं, कामन लुप लाइन से गुजरीं ट्रेनें
इस घटना में किसी तरह हताहत तो नहीं हुई। लेकिन, डाउन लाइन पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया। डाउन दिशा की आवाजाही तब तक रोकी गई थी, जब तक मालगाड़ी का पिछला हिस्सा नहीं हट गया। इस दौरान कोई भी ट्रेन नहीं रुकी। डाउन दिशा की सभी ट्रेनों को कामन लूप लाइन से निकाला गया, जिससे यातायात सुचारू रूप से चलता रहा।
क्षति का आकलन जारी
करगी रोड रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने क्षति का आकलन शुरू कर दिया है। हादसे में मालगाड़ी के तीन वैगन पटरी से उतर गए, जबकि ट्रैक और रेलवे के अन्य उपकरणों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। दुर्घटना के बाद मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों की टीम पहुंची और राहत व बहाली कार्य शुरू कराया। तकनीकी विशेषज्ञ ट्रैक, सिग्नल प्रणाली और वैगनों को हुए नुकसान का विस्तृत परीक्षण कर रहे हैं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद क्षति का अंतिम आंकलन और दुर्घटना के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट सामने आएगी।
तीन दिन में दूसरी बार बेपटरी हुई मालगाड़ी
बिलासपुर रेल मंडल में तीन दिनों के भीतर मालगाड़ी के बेपटरी होने की यह दूसरी घटना है, जिससे रेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इससे पहले शनिवार को बिलासपुर रेलवे स्टेशन के यार्ड में एक मालगाड़ी का एक वैगन पटरी से उतर गया था। उस घटना की जांच अभी पूरी भी नहीं हो पाई थी कि सोमवार को करगीरोड रेलवे स्टेशन पर एक और हादसा हो गया। यहां ट्रैक पर छोड़ी गई बैकहो लोडर की बकेट से टकराने के बाद मालगाड़ी के तीन वैगन पटरी से उतर गए। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बकेट छोड़कर मौके से भाग गए श्रमिक
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करगीरोड रेलवे स्टेशन पर निर्माण कार्य के दौरान कुछ श्रमिक बैकहो लोडर (जेसीबी) की बकेट को अलग से लेकर ट्रैक पार कर रहे थे। इसी दौरान बकेट रेलवे ट्रैक पर ही रह गई। तभी सामने से मालगाड़ी आती दिखाई दी। स्थिति बिगड़ती देख श्रमिक बकेट हटाने के बजाय उसे वहीं छोड़कर मौके से भाग गए। रेलवे प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और यह पता लगाया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों में किस स्तर पर लापरवाही बरती गई। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।