सात्विक आहार और शुद्ध आचरण से अपना व्यक्तित्व बनाएं बहुआयामी: सुनीता बिलासपुर
बालिका शिक्षा को लेकर अखिल भारतीय संयोजक ने दिए टिप्स ...और पढ़ें
By Yogeshwar SharmaEdited By: Yogeshwar Sharma
Publish Date: Fri, 26 Aug 2022 12:22:15 PM (IST)Updated Date: Fri, 26 Aug 2022 12:22:15 PM (IST)

बिलासपुर। पाश्चात्य संस्कृति और इंटरनेट मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच अपनी परंपरागत भारतीय संस्कृति को सुरक्षित रखना है।सात्विक आहार स्वस्थ दिनचर्या सत्संग अपनाकर बालिकाएं अपने समाज परिवार को गौरवान्वित कर सकतीं हैं। बालिका शिक्षा की अखिल भारतीय संयोजक सुनीता पांडेय ने सरस्वती शिशु मंदिर तिलकनगर में छात्राओं की बैठक में यह बात कही।
बैठक की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ हुई। संयोजक सुनीता ने आज के समय में बालिकाओं को बेहद संभलकर रहने की सलाह दी। सुरक्षा को लेकर जागरूकता भरे टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को अपनी भारतीय संस्कृति के संरक्षण के साथ अपने परिवार की मान मर्यादा को बढ़ाने के कार्य करने चाहिए। पढ़ाई से फ्री होने के बाद भोजन बनाने से लेकर हर घरेलू काम में अपनी माता जी का सहयोग करना चाहिए. रोजाना नियमित रूप से पूजा पाठ करना चाहिए. इससे उनमें सात्विक गुणों का विकास होगा।
इसके बाद माताओं की बैठक में उन्होंने बालिकाओं का लालन पालन कैसे करना है। इसे लेकर समझाईश दी। उन्होंने शिक्षिकाओं की बैठक लेकर भी बालिका शिक्षा के अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर गौरीशंकर कटकवार विभाग समन्वयक गेंदराम राजपूत नेतराम सैनिक प्राचार्य राकेश पांडेय शिवराम चौधरी पुष्पलता नामदेव आदि मौजूद थे। आचार्य संस्कार श्रीवास्तव ने इस बैठक को लेकर कहा कि बेटियों की सुरक्षा को लेकर आने वाले दिनों में भी इस तरह के कार्यक्रम होते रहेंगे।
बालिका शिक्षा पर बल
कार्यक्रम में वक्ताओं और आचार्यों ने बालिका शिक्षा पर सबसे अधिक बल दिया। छात्राओं से कहा कि स्कूली शिक्षा के बाद महाविद्यालय के साथ शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने की जरूरत है। बेटियां आज आसमान छू रही है। ऐसे समय में हमें एक लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की जरूरत है। जिससे कि परिवार समाज और देश का विकास हो सके। वर्तमान परिवेश में देखा जा रहा है कि संस्कारों की कमी के कारण अधिकांश परिवारों को इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिस और हमें कदम बढ़ाने की जरूरत है।