
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। फर्जी बायोडाटा के जरिए शादी कर 6.76 लाख रुपये की ठगी के आरोप में दर्ज मामले की जांच अब पीड़ित युवती के बयान और उसके द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी। कोनी थाना प्रभारी जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि मामले में पीड़ित युवती को थाने बुलाया गया है। उसका बयान दर्ज करने के साथ ही शिकायत से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य लिए जाएंगे। इसके आधार पर आरोपों की जांच की जाएगी।
दरअसल, युवती ने पूरे मामले की शिकायत जशपुर थाने में की थी। जशपुर पुलिस ने शिकायत के आधार पर जीरो में एफआइआर दर्ज की और केस डायरी कोनी थाना पुलिस को भेजी। इसके बाद कोनी पुलिस ने मामले में हर्षदीप राम जाड़ी, उसके पिता लोधन राम जाड़ी और मां राजो जाड़ी के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। टीआइ जितेंद्र गुप्ता के अनुसार अभी मामले की जांच प्रारंभिक चरण में है।
पीड़ित युवती का बयान जांच में महत्वपूर्ण रहेगा। उसके बयान में सामने आने वाली जानकारियों के आधार पर पुलिस संबंधित लोगों से पूछताछ करेगी और दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण करेगी। रकम के लेनदेन, विवाह से जुड़े खर्च और शादी से पहले दिए गए बायोडाटा में किए गए दावों की भी जांच की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि पीड़ित युवती और उसके स्वजन से मिले साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही आरोपों से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी। जांच के दौरान बायोडाटा में शिक्षा, नौकरी और परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर किए गए दावों की वास्तविकता भी संबंधित दस्तावेजों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांची जाएगी। पुलिस ने फिलहाल मामले में जांच आगे बढ़ाने के लिए पीड़ित युवती के बयान और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है।
पीड़ित युवती ने सबसे पहले जशपुर थाने में शिकायत दी थी। मामला बिलासपुर के कोनी थाना क्षेत्र से संबंधित होने के कारण जशपुर पुलिस ने जीरो में एफआइआर दर्ज कर केस डायरी कोनी थाने भेजी। इसी आधार पर कोनी पुलिस ने संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की है।
कोनी पुलिस अब पीड़ित युवती का बयान दर्ज करेगी। इसके साथ ही वह शिकायत के समर्थन में उपलब्ध कराए जाने वाले दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी लेगी। पुलिस इन्हीं तथ्यों के आधार पर आरोपों की पुष्टि और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करेगी। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी।
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