
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक न्यायाधीश द्वारा अधिवक्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट अधिवक्ता संघ ने निंदा प्रस्ताव पारित किया है। संघ ने दो नवंबर 2026 को आपात बैठक बुलाकर घटना की कड़ी निंदा की और इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट अधिवक्ता संघ को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।
संघ की ओर से जारी पत्र के अनुसार, इलाहाबाद हाई कोर्ट के कोर्ट रूम नंबर 49 में न्यायाधीश अजय मनोत द्वारा अधिवक्ता वीपी श्रीवास्तव के साथ किए गए कथित दुर्व्यवहार के विरोध में यह बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों ने सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया।
बैठक में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट अधिवक्ता संघ ने कहा कि अधिवक्ताओं के सम्मान और हितों की रक्षा सर्वोपरि है। संघ ने अधिवक्ता वीपी श्रीवास्तव के साथ हुई घटना के विरोध में इलाहाबाद हाई कोर्ट अधिवक्ता संघ के रुख का समर्थन करते हुए अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।
आपात बैठक में संघ के अध्यक्ष रजनीश सिंह बघेल, सचिव अनिल त्रिपाठी, उपाध्यक्ष गौतम खेत्रपाल और महिला उपाध्यक्ष मांडवी भारद्वाज सहित कार्यकारिणी के सदस्य एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें विजय साहू, आस्मा शुक्ला, राहुल मिश्रा, हरप्रीत भाटिया, प्रज्ञा पांडेय, अमन पांडेय, अभिषेक पांडेय, त्रिवेणीशंकर साहू, शरद मिश्रा, आशुतोष मिश्रा, उज्ज्वल चौबे, लक्ष्मीन कश्यप और दीप्ति शुक्ला शामिल थे।