
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। दो दिनों तक लगातार हुई झमाझम वर्षा के बाद मंगलवार को बिलासपुर का मौसम काफी सुहावना रहा। शहर में दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच कहीं रिमझिम तो कहीं हल्की वर्षा हुई। लगातार हुई अच्छी वर्षा से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में हल्की से मध्यम वर्षा और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ आंधी की संभावना जताई है।
मंगलवार को बिलासपुर में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.6 डिग्री कम रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शाम करीब पांच बजे शहर के कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा भी हुई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि इसके बाद मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा तथा एक-दो स्थानों पर बिजली कड़कने और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है।
शहर में एक जून से सात जुलाई तक कुल 197 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले दस वर्षों के 264 मिमी औसत से अभी कम है। हालांकि पांच जुलाई तक केवल 52 मिमी वर्षा हुई थी, लेकिन पिछले दो दिनों में हुई 145 मिमी वर्षा ने मानसून की कमी काफी हद तक पूरी कर दी। मौसम विशेषज्ञ अब्दुल सिराज खान के अनुसार आसमान में बादलों का डेरा अभी बना रहेगा तथा 11 जुलाई को द्रोणिका के प्रभाव से एक बार फिर तेज वर्षा होने की संभावना है।
वर्षा थमते ही खेतों में बढ़ी किसानों की रौनक
लगातार दो दिन हुई अच्छी वर्षा के बाद किसानों ने खेतों का रुख कर लिया है। धान की रोपाई, खेतों की जुताई और अन्य कृषि कार्यों ने गति पकड़ ली है। पर्याप्त नमी मिलने से खेती की तैयारियां तेज हो गई हैं। लंबे इंतजार के बाद हुई अच्छी वर्षा से किसानों को इस बार बेहतर उत्पादन की उम्मीद बंधी है।
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दो दिन पहले तक सूखे जैसे थे हालात
पांच जुलाई तक जिले में केवल 52 मिमी वर्षा दर्ज होने से किसान और आम लोग चिंतित थे। मानसून की धीमी रफ्तार के कारण खेती प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी। लेकिन महज दो दिनों में 145 मिमी वर्षा ने पूरे परिदृश्य को बदल दिया। अब जलस्रोतों में पानी बढ़ने के साथ कृषि गतिविधियों को नई रफ्तार मिल गई है।
निचली बस्तियों में अब सामान्य हुए हालात
झड़ी के दौरान शहर की कई निचली बस्तियों और घरों में पानी भर गया था, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। अब वर्षा की तीव्रता कम होने के बाद जलभराव की स्थिति लगभग समाप्त हो गई है। सड़क यातायात सामान्य हो गया है और लोग राहत महसूस कर रहे हैं। प्रशासन भी संभावित वर्षा को देखते हुए स्थिति पर नजर बनाए हुए है।