
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। तारबाहर थाना क्षेत्र में रेलवे अस्पताल के पास मार्निंग वाक के दौरान कांग्रेस नेता श्याम कश्यप पर हुए जानलेवा हमले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। जांच में सामने आया है कि गौरेला में रहने वाले व्यक्ति ने कांग्रेस नेता की हत्या कराने की साजिश रची थी। इसके लिए उसने हमलावरों को पांच-पांच लाख रुपये देने का लालच दिया था। मामले में पुलिस ने एक नाबालिग समेत दो आरोपित को गिरफ्तार किया है। मामले में शामिल मुख्य आरोपित समेत दो लोग फरार हैं। उनके पकड़े जाने पर और भी लोगों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है।
एएसपी पंकज पटेल ने बताया कि चार जुलाई की सुबह कांग्रेस नेता श्याम कश्यप रेलवे अस्पताल के पास मार्निंग वाक कर रहे थे। इसी दौरान मुंह पर कपड़ा बांधे तीन युवक मोटरसाइकिल से पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए डंडों से उनके सिर, हाथ और पैर पर हमला कर फरार हो गए। घटना की रिपोर्ट मिलने के बाद तारबाहर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। एएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर गठित टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की।
फुटेज के आधार पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल की पहचान की गई। वाहन के पंजीकृत स्वामी से पूछताछ के बाद चार आरोपित की पहचान हुई। इसके बाद पुलिस ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पतेराटोला में रहने वाले नितिन टेकाम(21) और एक नाबालिग को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपित नितिन टेकाम ने बताया कि गौरेला में रहने वाले दीपक तिवारी ने बिलासपुर के एक व्यक्ति की हत्या करने के बदले में पांच-पांच लाख रुपये देने का लालच दिया था।
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योजना के तहत नितिन, साहिल सोनकर और नाबालिग गौरेला-पेंड्रा से मोटरसाइकिल पर बिलासपुर पहुंचे। उनके साथ अपने वाहन से दीपक तिवारी भी बिलासपुर आया था और उसने घटनास्थल के पास मौजूद रहकर श्याम कश्यप की पहचान कराते हुए हमला करने का इशारा किया। इसके बाद आरोपित ने डंडों से हमला कर फरार हो गए। पूछताछ के बाद पुिलस ने मोटरसाइकिल और एक मोबाइल जब्त किया है। मामले में शामिल दीपक तिवारी और साहिल सोनकर फरार हैं। पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
तीन दिन तक एमपी और छत्तीसगढ़ की सीमा पर डंटी रही पुलिस
तारबाहर पुलिस के लिए यह मामला शुरुआत में अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई मारपीट का था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल दिखाई दी। इसके बाद पुलिस की टीम गौरेला, पेंड्रा, अनुपपुर और अमरकंटक में घुमती रही।
वाहन नंबर के आधार पर उसके मालिक तक पहुंचा गया और पूछताछ के दौरान तीन आरोपित की पहचान हुई। इसके बाद पुलिस ने नितिन टेकाम और नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में हत्या की साजिश, सुपारी और मुख्य साजिशकर्ता दीपक तिवारी की भूमिका सामने आई। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जुड़ीं। अब फरार मुख्य आरोपित दीपक तिवारी और साहिल सोनकर की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पांच-पांच लाख की सुपारी देकर कराया हमला
पुलिस जांच में सामने आया है कि गौरेला निवासी दीपक तिवारी ने कांग्रेस नेता श्याम कश्यप की हत्या कराने के लिए तीनों आरोपित को पांच-पांच लाख रुपये देने का लालच दिया था। योजना के तहत गौरेला-पेंड्रा से नितिन टेकाम, साहिल सोनकर और नाबालिग बिलासपुर पहुंचे। वारदात के दिन दीपक तिवारी भी बिलासपुर में मौजूद था। उसने रेलवे अस्पताल के पास मार्निंग वाक कर रहे श्याम कश्यप की पहचान कराते हुए हमलावरों को इशारा किया कि यही लक्ष्य है। इसके बाद मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे दो युवकों ने डंडों से श्याम कश्यप के सिर, हाथ और पैरों पर ताबड़तोड़ वार किए। हमला करने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस का मानना है कि हमला पूरी तरह सुनियोजित था और इसका उद्देश्य हत्या करना था।
हत्या के प्रयास और आपराधिक षड्यंत्र की धाराएं बढ़ीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रारंभिक धाराओं के अलावा जांच के दौरान हत्या के प्रयास और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराएं भी जोड़ दी हैं। पुलिस ने आरोपित नितिन टेकाम को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, जबकि नाबालिग को बाल न्यायालय में पेश किया गया। घटना में इस्तेमाल बाइक और एक मोबाइल जब्त किया गया है।
पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपित दीपक तिवारी और उसका साथी साहिल सोनकर अभी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपित के गिरफ्तार होने के बाद साजिश के पीछे का उद्देश्य और अन्य संभावित शामिल लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकेगी।