• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

छत्तीसगढ़ में स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी, अब प्रिंसिपल को भी रोजाना लेने होंगे 2 पीरियड, बड़े कमरों में बैठेंगे छात्र

CG School Education Order: शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए...और पढ़ें

By kranti namdevEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 07:55:03 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 07:55:03 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी, अब प्रिंसिपल को भी रोजाना लेने होंगे 2 पीरियड, बड़े कमरों में बैठेंगे छात्र
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग का सख्त आदेश। (AI Generated Image)

HighLights

  1. छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग का सख्त आदेश
  2. अब प्राचार्यों को रोजाना लेने होंगे 2 पीरियड
  3. कक्षा में स्टाफ की मनमानी पर लगी लगाम

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राचार्यों की जवाबदेही तय कर दी है। मंत्रालय, महानदी भवन नवा रायपुर अटल नगर से जारी नए आदेश के तहत अब संस्था प्रमुखों को प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ रोजाना अनिवार्य रूप से विद्यार्थियों को पढ़ाना भी होगा।

जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी

स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने प्रदेश के समस्त संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किया है। प्राचार्यों को विद्यालय स्तर पर अपने पदीय दायित्वों का कड़ाई से पालन करना होगा। आदेश के मुताबिक प्राचार्य स्कूल के समस्त प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों का जिम्मा संभालेंगे ही साथ ही आवश्यकतानुसार प्रतिदिन कम से कम दो पीरियड्स अध्यापन कार्य भी कराएंगे।


क्लासरूम्स के दुरुपयोग पर सख्त रुख और नए दिशा-निर्देश

विभाग ने विद्यालय भवनों में कमरों के दुरुपयोग पर भी सख्त रुख अपनाया है। अक्सर देखने में आता है कि प्राचार्य या स्टाफ द्वारा अध्ययन-अध्यापन वाले बड़े कमरों को अपने निजी कक्ष या स्टाफ रूम में तब्दील कर दिया जाता है। नए दिशा-निर्देशों में निर्देशित किया गया है कि विद्यालय भवन की ड्राइंग-डिजाइन के अनुसार निर्धारित प्राचार्य कक्ष, लिपिक कक्ष और स्टाफ कक्ष में ही संबंधित कर्मी बैठेंगे।

यह भी पढ़ें- 2027 में बदलेगी बिलासपुर की तस्वीर, ₹160 करोड़ से अधिक के 4 मेगा प्रोजेक्ट्स से निखरेगा शहर का स्वरूप

निर्धारित कक्षों के अलावा किसी भी क्लासरूम का उपयोग प्राचार्य, लिपिक अथवा स्टाफ के बैठने के लिए नहीं किया जाएगा। इसके अलावा स्कूल परिसर में उपलब्ध बड़े कमरों का उपयोग प्राथमिकता से छात्र-छात्राओं के अध्ययन-अध्यापन के लिए ही करने के निर्देश दिए गए है।

क्लास रूम्स में स्टाफ की मनमानी पर लगी लगाम

कई स्कूलों में छात्र संख्या अधिक होने के बावजूद बड़े कमरों को दफ्तर बना दिया जाता था, जिससे विद्यार्थियों को तंग कमरों में बैठना पड़ता था। विभाग के नए आदेश के बाद अब बड़े और हवादार कक्ष अनिवार्य रूप से बच्चों की पढ़ाई के लिए खाली रखने होंगे।