
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। रतनपुर में जमीन बेचने का इकरारनामा कर छह लाख रुपये लेने के बाद उसी जमीन को दूसरे लोगों के नाम बेचने का मामला सामने आया है। 62 वर्षीय लोकेश्वर तिवारी की शिकायत पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोटा के आदेश के बाद रतनपुर पुलिस ने रजाउल रजा के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
आरोप है कि जमीन की बिक्री का इकरारनामा करने के बाद भी विक्रेता ने तय समय में रजिस्ट्री नहीं कराई और बाद में वही जमीन अन्य लोगों को बेच दी। परिवाद के अनुसार, रतनपुर के भैरव बाबा मंदिर के पास रहने वाले लोकेश्वर तिवारी से रजाउल रजा ने ग्राम मालीबाड़ी स्थित खसरा नंबर 3533/5, रकबा 3480 वर्गफीट की जमीन बेचने का सौदा किया था।
जमीन की कीमत छह लाख रुपये तय हुई थी। 23 अगस्त 2022 को नोटरी के समक्ष इकरारनामा निष्पादित किया गया। इसमें 75 हजार रुपये नकद अग्रिम दिए गए और शेष पांच लाख 25 हजार रुपये के लिए लोकेश्वर ने एचडीएफसी बैंक रतनपुर का चेक दिया था। इकरारनामे में एक वर्ष के भीतर जमीन की रजिस्ट्री कराने की शर्त रखी गई थी।
लोकेश्वर का आरोप है कि रजाउल रजा ने चेक की राशि प्राप्त कर ली, लेकिन रजिस्ट्री कराने के लिए कहने पर लगातार टालमटोल करता रहा। बाद में बातचीत भी बंद कर दी। राजस्व रिकॉर्ड की जानकारी लेने पर पता चला कि 20 अक्टूबर 2022 को वही जमीन हकीम खान, नादिर शाह और सैय्यद निजाम अली के नाम बेच दी गई है।
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न्यायालय ने परिवाद के साथ पेश इकरारनामा, भुगतान संबंधी दस्तावेज, राजस्व अभिलेख और पुलिस प्रतिवेदन का अवलोकन किया। इसके बाद रजाउल रजा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना करने का निर्देश दिया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में रतनपुर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इसके बाद जमीन का नामांतरण भी उनके पक्ष में करा लिया गया। परिवादी ने आरोप लगाया कि इस तरह इकरारनामे की शर्तों का उल्लंघन कर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने पहले रतनपुर थाने में शिकायत की और फिर सात जुलाई 2023 को पुलिस अधीक्षक के समक्ष आवेदन दिया।
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