अमान्य बोर्ड की 12वीं अंकसूची पर फार्मासिस्ट पंजीयन रद्द, हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को राहत देने से किया इनकार
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अमान्य बोर्ड की 12वीं अंकसूची पर फार्मासिस्ट पंजीयन कराने वाले राधेश्याम धाकते की याचिका खारिज की, फार्मेसी परिषद का पंजीयन रद्द करने का आदेश सही ठहराया।
Publish Date: Fri, 06 Nov 2026 10:42:40 PM (IST)Updated Date: Fri, 06 Nov 2026 10:42:40 PM (IST)
HighLights
- अमान्य बोर्ड की अंकसूची पर पंजीयन रद्द।
- हाईकोर्ट ने फार्मासिस्ट की याचिका खारिज की।
- फार्मेसी परिषद का 2022 का आदेश बरकरार।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अमान्य बोर्ड की 12वीं की अंकसूची के आधार पर फार्मासिस्ट पंजीयन कराने वाले चांपा निवासी राधेश्याम धाकते की याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकल पीठ ने छत्तीसगढ़ राज्य फार्मेसी परिषद के 18 जुलाई 2022 के पंजीयन रद करने के आदेश को सही ठहराया।
याचिका के अनुसार, धाकते ने 2013 में सीजी बोर्ड आफ स्कूल एंड टेक्निकल एजुकेशन से 12वीं पास की थी। इसी अंकसूची के आधार पर परिषद ने 1 दिसंबर 2021 को उन्हें पंजीयन क्रमांक 21785 दिया। 6 जुलाई 2022 को परिषद ने अंकसूची और बोर्ड की मान्यता पर सवाल उठाते हुए नोटिस जारी किया।
धाकते ने 12 जुलाई को जवाब दिया, लेकिन परिषद ने 18 जुलाई को पंजीयन रद कर दिया। धाकते के अधिवक्ता ने कहा कि बोर्ड को 7 नवंबर 2012 को अस्थायी समकक्षता मिली थी, जो 7 मार्च 2015 से वापस ली गई। धाकते ने इसी अवधि में पढ़ाई की थी और हाई कोर्ट के पूर्व अंतरिम आदेश से आगे की पढ़ाई जारी रखी थी।
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राज्य और परिषद ने दलील दी कि समकक्षता पहले 11 मार्च 2014 को निलंबित हुई और काउंसिल आफ बोर्ड्स आफ स्कूल एजुकेशन ने 3 जुलाई 2015 को निरस्त कर दी। हाई कोर्ट ने 26 सितंबर 2017 को निर्णय बरकरार रखा, जबकि अपील में 7 अक्टूबर 2023 को भी फैसला कायम रहा।
पंजीयन रद करने में अवैधता नहीं
कोर्ट ने कहा कि अंतरिम राहत अंतिम निर्णय तक सीमित थी। 12 अक्टूबर 2018 के नीतिगत फैसले में संबंधित अवधि के विद्यार्थियों को निजी परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा देने की अनुमति थी, लेकिन अमान्य बोर्ड की अंकसूची को मान्यता नहीं दी गई थी।
सक्षम प्राधिकारी से मान्य 10वीं/12वीं की अंकसूची नहीं होने के कारण पंजीयन रद करने में कोई अवैधता या मनमानी नहीं हुई।