बिलासपुर के एक स्कूल में पाक्सो कांड... हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच का बड़ा फैसला, प्राचार्य को नहीं मिली राहत
बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत सेंट जेवियर स्कूल की 15 वर्षीया छात्रा के साथ हुए यौन अपराध के मामले में आरोपी शिक्षकों की शिकायत दबाने का ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 10:47:57 PM (IST)Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 10:47:57 PM (IST)
HighLights
- बिलासपुर हाई कोर्ट ने पाक्सो मामले में याचिका निरस्त की।
- सेंट जेवियर स्कूल की प्राचार्य पर शिकायत दबाने का आरोप।
- साक्ष्य व तथ्यों का फैसला अब ट्रायल कोर्ट में होगा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के पाक्सो मामले में सेंट जेवियर स्कूल की प्राचार्य संतोषी डकुआ पति शेखर कुमार डकुआ निवासी दीनदयाल कालोनी, मंगला को हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली। जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास और जस्टिस सुधीर कुमार के डिवीजन बेंच ने उनकी याचिका में चार्जशीट और आगे की आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की मांग खारिज कर दी।
हालांकि, कोर्ट ने उन्हें ट्रायल के दौरान सभी कानूनी आधार उठाने की स्वतंत्रता दी है। मामले में पीड़िता करीब 15 वर्षीय छात्रा है। अभियोजन के अनुसार 14 दिसंबर 2025 को उसके साथ कथित यौन अपराध हुआ। पीड़िता ने घटना की जानकारी स्कूल की प्राचार्य और दो शिक्षकों को देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया था।
इसके बाद पिता की रिपोर्ट पर सिरगिट्टी थाने में अपराध दर्ज हुआ और विभिन्न धाराओं के साथ पाक्सो एक्ट की धाराओं में चालान पेश किया गया। प्राचार्य की ओर से तर्क दिया गया कि मुख्य आरोपित राहुल बंगारू ने नौ जुलाई 2025 को ही स्कूल से इस्तीफा दे दिया था, जबकि कथित घटना 14 दिसंबर 2025 की है। इसलिए घटना के समय वह प्राचार्य के नियंत्रण में नहीं था और पाक्सो एक्ट की धारा 21 लागू नहीं होती।
हाई कोर्ट ने कहा कि राहुल के इस्तीफे की तारीख और पीड़िता ने प्राचार्य को घटना की जानकारी दी थी या नहीं, दोनों विवादित तथ्य और साक्ष्य के विषय हैं। इनका फैसला धारा 528 बीएनएसएस के तहत हाई कोर्ट में नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने याचिका निरस्त करते हुए कहा कि प्राचार्य ट्रायल कोर्ट के समक्ष सभी आपत्तियां उठा सकती हैं। व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट के लिए कोर्ट ने उन्हें बीएनएसएस की धारा 228 के तहत ट्रायल कोर्ट में आवेदन देने की स्वतंत्रता भी दी।