हाई कोर्ट के आदेश से मिली मां को बेटी..सुनी मासूम की बात, कोटा पुलिस 6 महीने तक देगी कुशलता रिपोर्ट
बिलासपुर हाई कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए एक नाबालिग बेटी की कस्टडी उसकी मां को सौंप दी है। बालिका द्वारा मां के साथ रहने की ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 10:44:29 PM (IST)Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 10:44:29 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- कोटा निवासी मां को अपनी नाबालिग बेटी की कस्टडी मिलने पर परिवार में लौटी खुशी।
- महिला द्वारा कोटा थाने में बेटी के लापता होने को लेकर दर्ज कराई गई थी प्राथमिकी।
- न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीक साहू और न्यायमूर्ति सुषमा सावंत की पिछली पीठ ने दिए आदेश।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: कोटा, बिलासपुर निवासी एक महिला को अपनी नाबालिग बेटी की कस्टडी हाई कोर्ट से मिली है। बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने बालिका को सुरक्षित कोर्ट में पेश किया। मुख्य न्यायाधीश कृष्ण राम महापात्र और न्यायमूर्ति संतोष शर्मा की पीठ ने बालिका से बातचीत कर उसकी इच्छा और कल्याण के बारे में जानकारी ली।
बालिका ने मां के साथ रहने की सहमति जताई, जिसके बाद कोर्ट ने उसकी कस्टडी मां को सौंप दी और पुलिस को अगले छह महीने तक उसकी सुरक्षा पर निगरानी रखने का निर्देश दिया। महिला ने कोटा थाने में बेटी के लापता होने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी और हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिका की पूर्व सुनवाई में न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीक साहू और न्यायमूर्ति सुषमा सावंत की पीठ ने राज्य शासन को निर्देश दिया था कि नाबालिग को 23 सितंबर तक कोर्ट में पेश किया जाए। इसके बाद पुलिस ने बालिका को बरामद कर मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया।
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कहा- मां के साथ रहने में कोई परेशानी नहीं
सुनवाई के दौरान, बालिका ने प्रारंभ में स्वजन के साथ जाने में झिझक दिखाई, लेकिन बाद में स्पष्ट किया कि उसे मां के साथ रहने में कोई परेशानी नहीं है।
मां ने भी बेटी को अपने साथ रखने की इच्छा जताई। पीठ ने बालिका के हित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कस्टडी मां को सौंपने का आदेश दिया।
स्थानीय थाना दे जानकारी
कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि मां और बेटी को सुरक्षित उनके कोटा स्थित निवास तक पहुंचाया जाए और अगले छह महीने तक हर सात दिन में बालिका की कुशलता की जानकारी स्थानीय थाने को देने का निर्देश दिया।