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मॉल के सिनेमाघरों पर बढ़ा प्रदर्शन शुल्क लागू....राज्य सरकार ने ठुकराया प्रस्ताव, जानिए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में क्या हुआ

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से रायपुर नगर निगम को बड़ा झटका लगा है। शॉपिंग मॉल्स में संचालित सिनेमाघरों पर प्रति शो प्रदर्शन शुल्क 200 रुपये से बढ़ाकर 600 रुप...और पढ़ें

By Kamlesh RajakEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Sun, 13 Sep 2026 05:44:48 PM (IST)Updated Date: Sun, 13 Sep 2026 05:44:48 PM (IST)
मॉल के सिनेमाघरों पर बढ़ा प्रदर्शन शुल्क लागू....राज्य सरकार ने ठुकराया प्रस्ताव, जानिए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में क्या हुआ

HighLights

  1. रायपुर नगर निगम का 3 गुना शो टैक्स बढ़ाने का फैसला रद्द।
  2. राज्य सरकार ने 12 जून को निगम के प्रस्ताव को दी नामंजूरी।
  3. हाई कोर्ट ने PVR आइनॉक्स की याचिका पर सुनवाई की समाप्त।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: रायपुर के शापिंग माल में संचालित सिनेमाघरों पर प्रदर्शन शुल्क तीन गुना बढ़ाने का रायपुर नगर निगम का फैसला लागू नहीं हो सकेगा। नगर निगम की मेयर-इन-काउंसिल ने 10 अप्रैल 2026 को संकल्प पारित कर प्रति शो प्रति स्क्रीन प्रदर्शन शुल्क 200 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया था। इसके बाद 24 अप्रैल को मांग नोटिस भी जारी किया गया था। पीवीआर आइनाक्स लिमिटेड ने इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने कहा कि राज्य सरकार ने निगम के प्रस्ताव को मंजूरी ही नहीं दी है। ऐसे में विवादित संकल्प के खिलाफ याचिकाकर्ता की शिकायत अब अस्तित्व में नहीं है। कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया। याचिका पीवीआर आइनाक्स लिमिटेड ने मेयर-इन-काउंसिल, नगर निगम रायपुर के निर्णय को चुनौती दी थी।


कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुमित नेमा ने दलील दी कि प्रदर्शन शुल्क में की गई वृद्धि मनमानी और अत्यधिक है तथा छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 के प्रविधानों और नगर निकायों के कराधान से जुड़ी संवैधानिक व्यवस्था के विपरीत है।

कंपनी ने यह भी तर्क दिया था कि इस तरह के संकल्प को आवश्यक राज्य सरकार की स्वीकृति के बिना लागू नहीं किया जा सकता। नगर निगम के संकल्प के बाद 24 अप्रैल 2026 को मांग नोटिस भी जारी कर दिया गया था। कंपनी ने इस नोटिस को भी याचिका में चुनौती दी थी। पीवीआर आइनाक्स का पंजीकृत कार्यालय मुंबई में है, जबकि कारपोरेट कार्यालय गुरुग्राम में और स्थानीय कार्यालय रायपुर के मैग्नेटो द माल में है।

कंपनी की ओर से अधिकृत हस्ताक्षर कर्ता रणवीर कुमार सिंह ने याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि याचिका दाखिल होने के बाद मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम हो चुका है। राज्य सरकार ने रायपुर नगर निगम के 10 अप्रैल के संकल्प और प्रस्ताव पर विचार करने के बाद 12 जून 2026 को उसकी स्वीकृति देने से इन्कार कर दिया। इस पर कंपनी की ओर से भी स्वीकार किया गया कि राज्य सरकार ने संकल्प को मंजूरी नहीं दी है।

कोर्ट ने कहा- अब विवाद बचा ही नहीं

हाई कोर्ट ने कहा कि जिस संकल्प को याचिका में चुनौती दी गई थी, उसे लागू करने के लिए आवश्यक राज्य सरकार की स्वीकृति ही नहीं मिली। राज्य सरकार ने 12 जून के आदेश से प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। ऐसे में 10 अप्रैल के संकल्प और उसके आधार पर जारी 24 अप्रैल के मांग नोटिस के खिलाफ पीवीआर आइनाक्स की शिकायत पर अब निर्णय देने की आवश्यकता नहीं है।कोर्ट ने कहा कि बाद के घटनाक्रम के कारण याचिका में विचार के लिए कुछ शेष नहीं रह गया है। इसके साथ ही याचिका को निष्प्रभावी मानते हुए खारिज कर दिया गया।

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