
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में अब मकान, दुकान, हॉस्टल, पीजी या किसी भी प्रकार की संपत्ति किराए पर देना मकान मालिकों के लिए और अधिक जवाबदेह हो गया है। जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए एक कड़ा आदेश जारी किया है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) की रिपोर्ट के आधार पर जारी इस नए निर्देश के तहत, अब किसी भी जगह को किराए पर देने से पहले मकान मालिकों को किराएदार की पूरी जानकारी संबंधित थाने में अनिवार्य रूप से दर्ज करानी होगी। यदि कोई मकान मालिक इस नियम का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सीधा आपराधिक मामला (FIR) दर्ज किया जा सकता है।
बिलासपुर शहर में पिछले कुछ समय से किराए के मकानों और फ्लैटों में संदिग्ध गतिविधियों और ऑनलाइन सट्टा गिरोहों के संचालन के खुलासे के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है। पुलिस की पिछली कार्रवाइयों में सिविल Line, तारबाहर, सकरी क्षेत्र की पॉश कॉलोनियों के साथ-साथ रामा लाइफ सिटी, उसलापुर और व्यापार विहार जैसे इलाकों में किराए के फ्लैटों में अवैध गतिविधियों के मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा, बिलासपुर में शिक्षा और रोजगार के चलते बाहरी लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
किराए पर जगह देने से जुड़े 4 प्रमुख और अनिवार्य नियम
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बिलासपुर में किराएदारों और छात्रों का बड़ा दायरा
पुलिस के बीट प्रभारियों की एंट्री और विभिन्न संस्थानों से मिले आंकड़ों के अनुसार, बिलासपुर शहर में 70 हजार से अधिक परिवार किराए के मकानों, हॉस्टल और पीजी में निवास करते हैं। इसके अलावा सीयू, सिम्स मेडिकल कॉलेज, एयू और पीएससी-व्यापमं की कोचिंग के कारण सरकंडा, कोनी, मंगला और राजेंद्र नगर जैसे क्षेत्रों में करीब 40 हजार छात्र दूसरे जिलों व राज्यों से आकर किराए पर रहते हैं।
साथ ही सिरगिट्टी, तिफरा और सिलपहरी के औद्योगिक क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और झारखंड से आए 20 हजार से अधिक मजदूर भी किराए पर रह रहे हैं। शुरुआती आकलन के मुताबिक, इनमें से लगभग 15 प्रतिशत मकान मालिकों ने अपने किराएदारों का विधिवत सत्यापन नहीं कराया है।
प्रशासन की इस सख्ती से अब सुरक्षा व्यवस्था और अधिक चाक-चौबंद होने की उम्मीद है। यह संपूर्ण प्रशासनिक व सुरक्षा मामला छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले बिलासपुर जिले से जुड़ा है।