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मुंगेली के स्वास्थ्य कर्मियों को हाईकोर्ट से राहत, बिना विचार किए वेतन कटौती को अदालत ने बताया अवैध

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने यू-विन पोर्टल पर टीकाकरण की जानकारी ऑनलाइन दर्ज नहीं करने पर मुंगेली जिले की सात ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों का एक दिन का वेतन का...और पढ़ें

By Kamlesh RajakEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 08:50:06 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 08:50:06 PM (IST)
मुंगेली के स्वास्थ्य कर्मियों को हाईकोर्ट से राहत, बिना विचार किए वेतन कटौती को अदालत ने बताया अवैध

HighLights

  1. यू-विन पोर्टल एंट्री न करने पर वेतन काटना गलत।
  2. हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को नए सिरे से विचार के निर्देश दिए।
  3. संतोषजनक जवाब मिलने पर काटी गई राशि लौटानी होगी।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः यू-विन पोर्टल पर टीकाकरण की जानकारी आनलाइन दर्ज नहीं करने पर मुंगेली जिले की सात ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों का एक दिन का वेतन काटने के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को दोबारा विचार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि कारण बताओ नोटिस के जवाब पर विचार किए बिना वेतन कटौती कानूनन कायम नहीं रह सकती।

विभाग को स्पष्टीकरण पर विचार कर कारण सहित नया आदेश पारित करना होगा। जवाब संतोषजनक पाए जाने पर काटी गई राशि नियमानुसार लौटानी होगी। न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु की एकल पीठ ने 13 अक्टूबर को याचिका स्वीकार की। याचिकाकर्ता मुंगेली विकासखंड के अलग-अलग उप स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ हैं।


उनके अनुसार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने 7 मई 2025 को पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए थे। 28 मई 2025 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी हुआ। कर्मचारियों ने जवाब में कहा कि उन्हें कंप्यूटर संचालन और आनलाइन प्रविष्टि का पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला है और उनका प्राथमिक काम स्वास्थ्य सेवाएं देना व मरीजों का उपचार करना है।

इसके बावजूद जून 2025 के वेतन से एक-एक दिन की राशि काट ली गई। राज्य शासन ने कहा कि मंत्रालय के निर्देशों के तहत यू-विन पोर्टल पर प्रविष्टि करना भी ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारियों की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने पाया कि जवाबों पर विधिवत विचार किए बिना कटौती की गई। उसने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के जवाब सही या गलत होने पर कोई राय नहीं दी है; विभाग कानून के अनुसार निर्णय ले।

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