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गूगल पर पेट्रोल पंप सर्च करना पड़ा भारी, लाइसेंस के नाम पर 4.61 लाख की ऑनलाइन ठगी, रामचंद्रपुर में FIR

बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अनिरुद्धपुर निवासी सहरोज अंसारी से पेट्रोल पंप का लाइसेंस दिलाने के नाम पर 4.61 लाख रुपये की ऑ...और पढ़ें

By Asim Sen GuptaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Tue, 20 Oct 2026 09:52:29 PM (IST)Updated Date: Tue, 20 Oct 2026 09:52:29 PM (IST)
गूगल पर पेट्रोल पंप सर्च करना पड़ा भारी, लाइसेंस के नाम पर 4.61 लाख की ऑनलाइन ठगी, रामचंद्रपुर में FIR

HighLights

  1. पेट्रोल पंप का लाइसेंस दिलाने के नाम पर 4.61 लाख की ठगी।
  2. गूगल पर सर्च करने के बाद ठगों के संपर्क में आया था पीड़ित।
  3. साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत के बाद रामचंद्रपुर थाने में केस दर्ज।

नईदुनिया न्यूज, बलरामपुर : पेट्रोल पंप खोलने का झांसा देकर आनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र के ग्राम अनिरुद्धपुर निवासी सहरोज अंसारी से ठगों ने चार लाख 61 हजार 500 रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी शिकायत दर्ज कराई है।

जानकारी के अनुसार प्रार्थी एक्सीवेटर,ट्रैक्टर का काम देखता है। उसने गूगल पर पेट्रोल पंप कैसे लिया जाता है, इस संबंध में जानकारी सर्च की थी। इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से उसके पास कॉल आए। कॉल करने वालों ने कहा कि पेट्रोल पंप खोलने के लिए एक फॉर्म भरना होगा।


झांसे में आकर प्रार्थी ने अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी सहित पूरी जानकारी भेज दी। इसके बाद ठगों ने कहा कि आपका आवेदन अप्रूव हो गया है, रजिस्ट्रेशन चार्ज जमा करना होगा। एक निजी बैंक के खाते में पैसा जमा करने को कहा गया।

किस्तों में ऐंठे गए 4.61 लाख रुपये

पीड़ित ने पहले अपने फोन-पे से तीन लाख 10 हजार 520 रुपये भेज दिए। इसके बाद लाइसेंस के नाम पर फिर 98 हजार 980 रुपये की मांग की गई, जो उसने फिर से भेज दिया। इसके बाद भी पैसा वापस करने के नाम पर 41 हजार और 11 हजार रुपये और जमा करा लिए गए।

नंबर बंद मिलने पर हुआ शक

इस दौरान पीड़ित ने अपने दोस्त के फोन-पे से भी रकम ट्रांसफर की। कुल 4.61 लाख रुपये लेने के बाद भी लगातार पैसों की मांग करने पर पीड़ित को शक हुआ। जब उसने दिए गए नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की तो सभी नंबर बंद मिले। इसके बाद पीड़ित ने 1930 पर साइबर शिकायत दर्ज कराई और थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी कराई है। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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