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बिना नोटिस फसल नापने पहुंचे पटवारी और राजस्व अमले को ग्रामीणों ने खदेड़ा, बिलासपुर में सरपंच और नायब तहसीलदार आमने-सामने

बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायत सेलर में रविवार को पकी हुई धान की फसल के बीच बिना पूर्व सूचना के जमीन सीमांकन करने पहुंची राजस्व टीम को ग्रामीणों के भार...और पढ़ें

By kranti namdevEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Sun, 04 Oct 2026 08:25:24 PM (IST)Updated Date: Sun, 04 Oct 2026 08:25:24 PM (IST)
बिना नोटिस फसल नापने पहुंचे पटवारी और राजस्व अमले को ग्रामीणों ने खदेड़ा, बिलासपुर में सरपंच और नायब तहसीलदार आमने-सामने
जमीन का सीमांकन करने पहुंचे टीम

HighLights

  1. ग्राम सेलर में बिना नोटिस जमीन नापने पहुंचे राजस्व अमले का विरोध।
  2. सरपंच ने लगाया राजनीतिक दबाव में चुनिंदा खसरे नापने का आरोप।
  3. प्रशासन का दावा: प्रस्तावित ब्रिज हेतु शासकीय जमीन जांच रहे थे।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर. ग्राम पंचायत सेलर में जमीन सीमांकन को लेकर रविवार को भारी विवाद खड़ा हो गया। खेतों में धान की फसल खड़ी होने के बीच राजस्व अमले के अचानक पहुंचने पर ग्रामीण भड़क गए। सरपंच ने राजनीतिक दबाव का आरोप लगाया, जिसके बाद नापजोख रोकनी पड़ी। वहीं प्रशासन का दावा है कि प्रस्तावित ब्रिज निर्माण के लिए शासकीय जमीन जांची जा रही थी।

रविवार को पटवारी और राजस्व कर्मी बिना किसी पूर्व सूचना, तामिली नोटिस या ग्राम पंचायत को, विश्वास में लिए बिना अचानक फीता लेकर खेतों में उतर आए। नियमतः सीमांकन से पहले दोनों पक्षों व सीमा से लगे सभी किसानों को विधिवत नोटिस देकर उपस्थित रहने की सूचना देना अनिवार्य होता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया।


सरपंच धनंजय सिंह ठाकुर का कहना है कि धान की फसल कटाई के मुहाने पर खड़ी है, ऐसे में सीमांकन की फरा-तफरी से किसानों की गाढ़ी मेहनत को सीधा नुकसान पहुंचेगा। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 60 एकड़ जमीन में से चुनिंदा हिस्सों की नपती सियासी रसूख के तहत किसी खास पक्ष को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए की जा रही है।

उन्होंने मांग रखी कि यदि जांच करानी ही है, तो प्रशासन पूरे 60 एकड़ रकबे के सभी खसरों का सार्वजनिक और निष्पक्ष सीमांकन कराए। फिलहाल मौके पर उपजे भारी तनाव और किसानों के तीखे विरोध को देखते हुए राजस्व टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा है।

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नियम ताक पर: फसल खड़ी है तो कैसी नापजो ख

राजस्व नियमों के मुताबिक खेतों में फसल खड़ी होने पर सामान्यतः कटाई तक सीमांकन टाल दिया जाता है ताकि किसानों का नुकसान न हो। सेलर में आसपास के खसरेदारों को पूर्व सूचना नहीं दिए जाने से नाराजगी बढ़ गई। सरपंच ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक सूचना के बिना आनन-फानन में किसी खास व्यक्ति को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

ब्रिज निर्माण के लिए जमीन चिन्हांकन की कवायद

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में सड़क मार्ग पर एक ब्रिज का निर्माण प्रस्तावित है। इसी निर्माण कार्य को ध्यान में रखते हुए सड़क किनारे स्थित शासकीय भूमि का दायरा और अधिग्रहण योग्य रकबे की वास्तविक स्थिति जांचने के लिए टीम पहुंची थी। अधिकारियों का कहना है कि विकास कार्य में आने वाली शासकीय जमीन की माप-जोख सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

जिस जमीन को लेकर विवाद की स्थिति बन रही है, वहां एक ब्रिज का निर्माण होना है। सड़क किनारे शासकीय जमीन कितनी है, उसी की माप-जोख की जा रही थी। ब्रिज निर्माण के दौरान कितनी निजी जमीन प्रभावित होगी और सरकारी जमीन की वास्तविक स्थिति क्या है, प्रशासन केवल इसका पता लगाने का प्रयास कर रहा है। इसमें किसी प्रकार का दबाव नहीं है। मनीषा झा, नायब तहसीलदार बेलतरा