
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल के निर्वाचित सदस्यों की होने वाली सामान्य सभा की बैठक पर बार काउंसिल आफ इंडिया ने रोक लगा दी है। निर्वाचित प्रतिनिधियों की ओर से दायर याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। बीसीआई की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने बताया कि हमने सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर पिटिशन दायर कर दिया है। बीसीआई हाई कोर्ट में बुधवार 14 जनवरी को अपना जवाब पेश करेगी। बता दें कि हाईकोर्ट के नोटिस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है अब 18 जनवरी को सुनवाई होगी।
छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल के निर्वाचित सदस्यों की होने वाली सामान्य सभा की बैठक पर बार काउंसिल आफ इंडिया ने रोक लगा दी है। बीसीआइ के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने धांधली की जांच के लिए हाई कोर्ट के रिटायर जज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है।
बीसीआई के इस निर्णय को चुनौती देते हुए बीपी सिंह, जेके त्रिपाठी, अशोक तिवारी, फैजल रिजवी, संतोष वर्मा, चंद्र प्रकाश जांगड़े सहित 19 निर्वाचित सदस्यों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। निर्वाचित सदस्यों की याचिका पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच में हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के चुनाव अफवाह के आधार पर नहीं रोका जाना चाहिए। सामान्य सभा की मीटिंग स्थगित करने के पीछे बीसीआइ को ठोस कारण बताना होगा।
सोमवार को इस मामले की सुनवाई हुई। बीसीआई की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने हाई कोर्ट को जानकारी देते हुए बताया कि बार काउंसिल आफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर पिटिशन दायर कर दिया है। साथ ही बीसीआइ के अधिवक्ता ने जवाब पेश करने के लिए हाई कोर्ट से समय मांगा।
डिवीजन बेंच ने बीसीआई को जवाब पेश करने के लिए दो दिन का समय दिया है। बीसीआई को 14 जनवरी को अपना जवाब पेश करना होगा। बता दें कि बीसीआई ने अपने आदेश में चुनाव के दौरान लग्जरी कार और पैसे बांटने की शिकायत को आधार बनाते हुए सामान्य सभा की बैठक स्थगित करते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। जांच समिति को 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करनी होगी। बीसीआई ने चुनाव में हार्स ट्रेडिंग की आशंका जताई है।