
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। महिला शिक्षिका से छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में दोषी ठहराए गए शासकीय शिक्षक विवेक गुप्ता को शिक्षा विभाग ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। तखतपुर न्यायालय से सजा मिलने के बाद भी शिक्षक बेलमुंडी स्कूल में ड्यूटी कर रहा था।
संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर ने 23 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर उसे सेवा से पदच्युत कर दिया। बर्खास्तगी 26 सितंबर 2026 से प्रभावी की गई है।
कार्यालय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर के आदेश के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर के प्रतिवेदन के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। संयुक्त संचालक अश्वनी भारद्वाज ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बेलमुंडी, विकासखंड तखतपुर में पदस्थ उच्च वर्ग शिक्षक विवेक गुप्ता को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ऋचा यादव की अदालत ने 26 सितंबर 2026 को विवेक गुप्ता, निवासी अर्चना विहार, नेहरू नगर, को भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत एक साल के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। धारा 323 के तहत भी एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। जुर्माना नहीं देने पर दोनों धाराओं में एक-एक महीने के अतिरिक्त सश्रम कारावास का प्रावधान किया गया था।
अभियोजन के अनुसार, घटना 17 फरवरी 2018 को शासकीय प्राथमिक शाला चनाडोंगरी में हुई थी। वहां पदस्थ महिला शिक्षिका ने आरोप लगाया था कि शिक्षक ने उनका हाथ पकड़कर खींचा, सीने पर हाथ लगाया और उनके साथ मारपीट की। इससे उनके चेहरे और सिर में चोटें आई थीं।
न्यायालय ने पीड़िता की गवाही, अन्य गवाहों के बयान और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप प्रमाणित पाए। वहीं, पीछा करने, अश्लील गाली-गलौज और आपराधिक धमकी के आरोपों में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया था।
न्यायालय से सजा मिलने के बाद भी शिक्षक के सेवा में बने रहने का मामला सामने आने पर शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की। संयुक्त संचालक के आदेश के बाद अब शिक्षक की सेवा समाप्त कर दी गई है।
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