समय-सीमा बीती तो नहीं बदलेगी मार्कशीट की जन्मतिथि, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा आदेश जारी
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 10वीं की मार्कशीट में जन्मतिथि सुधारने की सुमित शुक्ला की याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने कहा कि 23 फरवरी की जगह 28 फरवरी दर्ज होने का अंतर महज 5 दिन का है और बोर्ड द्वारा निर्धारित 3 साल की मियाद खत्म हो चुकी है। याचिकाकर्ता ने पहले अन्य सुधार कराए थे लेकिन तब यह मुद्दा नहीं उठाया था।
Publish Date: Mon, 07 Sep 2026 03:48:48 PM (IST)Updated Date: Mon, 07 Sep 2026 03:48:48 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- 10वीं की मार्कशीट में जन्मतिथि सुधार की याचिका खारिज।
- 5 दिन का मामूली अंतर और 3 साल की मियाद समाप्त।
- जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने सुनाया फैसला।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कक्षा 10वीं की मार्कशीट में जन्मतिथि सुधार की याचिका को खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता सुमित शुक्ला ने 23 फरवरी 2004 की जगह 28 फरवरी 2004 को जन्मतिथि दर्ज करने का अनुरोध किया था। कोर्ट ने कहा कि जन्मतिथि में केवल पांच दिन का अंतर है और सुधार के लिए निर्धारित तीन वर्ष की अवधि समाप्त हो चुकी है।
जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने आदेश देते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने पहले मार्कशीट में अन्य विवरणों के सुधार के लिए आवेदन किया था, लेकिन उस समय जन्मतिथि की गलती का उल्लेख नहीं किया था। सुमित शुक्ला ने हाई कोर्ट में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर के 30 जनवरी 2026 के आदेश को चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सिद्धार्थ दुबे ने बताया कि जन्मतिथि में आवश्यक सुधार न होने के कारण उन्हें कोर्ट का रुख करना पड़ा। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिवक्ता योगेंद्र पांडेय ने कहा कि मार्कशीट 30 नवंबर 2022 को जारी की गई थी और सुधार के लिए तीन वर्ष की अवधि समाप्त हो चुकी है।
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कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद पाया कि याचिकाकर्ता ने पहले भी सुधार की मांग की थी, लेकिन जन्मतिथि की गलती की जानकारी नहीं दी थी। इस आधार पर, हाई कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।