
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: बेमेतरा जिले की ग्राम पंचायत हथीदोब में रोजगार सहायक के पद पर कार्यरत हेमलता सिन्हा की सेवा समाप्ति का आदेश हाई कोर्ट ने रद कर दिया है। जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की एकलपीठ ने कहा कि संविदा कर्मचारी के खिलाफ यदि आरोप और कथित अनियमितता के आधार पर कलंकित या दंडात्मक आदेश जारी किया जाता है तो उचित जांच और सुनवाई का अवसर देना जरूरी है।
कोर्ट ने 15 जुलाई 2024 को जारी सेवा समाप्ति के आदेश को निरस्त करते हुए उससे मिलने वाले सभी लाभ देने का निर्देश दिया है। हालांकि, अधिकारियों को नियमानुसार नए सिरे से जांच करने की स्वतंत्रता दी गई है।
हेमलता सिन्हा, पिता आनंद राम सिन्हा, उम्र 35 वर्ष, ग्राम पंचायत हथीदोब, जनपद पंचायत साजा, जिला बेमेतरा में 27 जनवरी 2017 को संविदा आधार पर रोजगार सहायक नियुक्त हुई थीं। उनकी सेवा समय-समय पर बढ़ाई जाती रही। 13 मई 2024 को ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव, तकनीकी सहायक और रोजगार सहायक के खिलाफ अनियमितता की शिकायत की।
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इसके आधार पर हेमलता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसका उन्होंने जवाब देकर आरोपों से इनकार किया। इसके बाद एक समिति ने जांच की। जांच में सरपंच, सचिव, तकनीकी सहायक और रोजगार सहायक से जुड़ी कुल 8 लाख 26 हजार 504 रुपये की अनियमितता बताई गई। 26 जून 2024 को हेमलता पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाने के साथ कथित राशि की वसूली का निर्देश दिया गया। इसके बाद 15 जुलाई को उनकी सेवा समाप्त कर दी गई।