
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के तीन अलग-अलग गंभीर आपराधिक मामलों नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध शराब तस्करी में हाई कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट की विभिन्न पीठों ने सभी मामलों में छत्तीसगढ़ शासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
गांजा तस्करी:
दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में 7 सितंबर 2025 को 388 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार मोहम्मद फैयाज की जमानत हाई कोर्ट ने व्यावसायिक मात्रा का हवाला देकर खारिज कर दी थी। इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी और जस्टिस अतुल एस. चन्दूरकर की पीठ ने देरी माफ कर राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए 17 अगस्त 2026 तक जवाब मांगा है।
अवैध शराब तस्करी:
कबीरधाम जिले के कुकदूर क्षेत्र में फरवरी 2025 में 351 बल्क लीटर अवैध शराब के साथ पकड़े गए धर्मेंद्र उर्फ सोनू सारिवान की जमानत हाई कोर्ट ने उसके खिलाफ मध्य प्रदेश में दर्ज छह आपराधिक मामलों और आदतन अपराधी होने के आधार पर खारिज कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट में दायर एसएलपी पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी और जस्टिस अतुल एस. चन्दूरकर की पीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 17 अगस्त 2026 तक जवाब मांगा है।
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प्रतिबंधित इंजेक्शन तस्करी:
सरगुजा जिले के बतौली में 30 जनवरी 2026 को 600 प्रतिबंधित रेक्सोजेसिक ब्यूप्रेनार्फिन इंजेक्शन के साथ पकड़े गए विनय गुप्ता की जमानत हाई कोर्ट ने व्यावसायिक मात्रा और अपराध की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई है। जस्टिस उज्जल भुयान और जस्टिस अरुण पल्ली की पीठ ने छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी कर 11 अगस्त 2026 तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।