बिलासपुर में कर्मचारियों का हल्लाबोल, DA-एरियर्स और नियमितीकरण समेत मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन
बिलासपुर में सेवा लाभ और चुनावी वादे पूरे नहीं होने से हजारों कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने डीए, एरियर्स, वेतनमान, नियमितीकरण और प...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 30 Sep 2026 12:54:40 PM (IST)Updated Date: Wed, 30 Sep 2026 12:54:40 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में हजारों कर्मचारियों का हल्लाबोल। (एआई जनरेटेड)HighLights
- बिलासपुर में हजारों कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- कर्मचारियों ने डीए, एरियर्स और समयमान वेतनमान की मांग की।
- नियमितीकरण और सेवा सुरक्षा लागू करने की मांग उठी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः चुनावी वादों और घोषणाओं के बावजूद सेवा लाभ न मिलने से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन और तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के आह्वान पर इस वक्त संभागभर के हजारों कर्मचारी नेहरू चौक स्थित विकास भवन के सामने जुटकर सरकार के खिलाफ हुंकार भर रहे हैं। सुबह 11:30 बजे से शुरू हुआ यह विशाल धरना-प्रदर्शन और रैली दोपहर 3:30 बजे तक जारी रहेगा, जिसके माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जा रहा है।
मोदी की गारंटी भूलने और वादाखिलाफी का आरोप
- प्रदर्शन के बीच संघ के जिला अध्यक्ष किशोर शर्मा व संभागीय अध्यक्ष ओम त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में 'मोदी की गारंटी' के तहत कर्मचारियों से महंगाई भत्ता, एरियर्स, समयमान वेतनमान और नियमितीकरण के वादे किए गए थे।
लेकिन सत्ता में आने के बाद इन अहम घोषणाओं को पूरी तरह से भुला दिया गया है। कर्मचारियों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि केंद्र सरकार द्वारा डीए घोषित करते ही कर्मचारियों को एरियर्स मिल जाता है, जबकि प्रदेश के कर्मचारियों को वर्षों से इस हक से वंचित रखा जा रहा है। धरने पर बैठे कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- सड़क पर उतरे कर्मचारियों की कई अहम मांगें हैं। इनमें दैनिक वेतन भोगियों के लिए मध्य प्रदेश की तर्ज पर सेवा सुरक्षा गारंटी लागू करना, विभागों में रिक्त पदों पर सीधी भर्ती खोलना और सेटअप घटाने के नाम पर पदों को डाइंग कैडर में डालने की नीति को तत्काल बंद करना शामिल है।
इसके अलावा शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति से सेवा गणना कर पूर्ण पेंशन देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है। शासन स्तर पर बार-बार गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई न होने से आहत कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में प्रदर्शन कर रहे हैं। यह भी पढ़ें- 26 सितंबर को छूटे पर्चे अब 5 अक्टूबर को, बिलासपुर में दो पालियों में होगी 6वीं-12वीं की परीक्षा
दफ्तर-दफ्तर जाकर जुटाए गए समर्थन का दिख रहा असर
आज के इस प्रदर्शन को ऐतिहासिक बनाने के लिए संघ के प्रांतीय व जिला पदाधिकारियों ने एक दिन पहले सघन जनसंपर्क अभियान चलाया था।
प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा, प्रदेश समन्वयक जीआर चंद्रा, संभागीय अध्यक्ष ओम त्रिपाठी, जिला अध्यक्ष किशोर शर्मा, जिला सचिव दुर्गेश साहू और राजेश्वर वस्त्रकार की टीम ने पुराना व नया कंपोजिट बिल्डिंग, जिला पंचायत, जल संसाधन, वन, पीएचई, पीडब्ल्यूडी और कृषि विभाग के दफ्तरों में जाकर जो समर्थन जुटाया था, उसका असर आज की इस भारी भीड़ में साफ नजर आ रहा है। आंदोलन को लेकर संभाग के सभी जिलों से आए कर्मचारियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
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