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नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि।शहर में हुई मूसलाधार बारिश ने केवल सड़कों को ही जलमग्न नहीं किया, बल्कि नगर निगम और निर्माण एजेंसियों द्वारा किए गए दावों की भी पोल खोल दी है। कुछ महीने पहले ही बनकर तैयार हुईं सड़कें बारिश की पहली मार भी नहीं झेल सकीं। सड़कों की ऊपरी परतें पूरी तरह उखड़ चुकी हैं, जिससे शहर के मुख्य मार्ग अब बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गए हैं। कई जगहों पर सड़क धंसने और दरारें आने से यातायात खतरनाक हो गया है।
शहरवासी बताते हैं कि कुछ समय पहले जब ये सड़कें बनी थीं, तो वे काफी चकाचक नजर आ रही थीं। लेकिन बारिश का पानी उतरते ही सड़क निर्माण में की गई गुणवत्ताहीन सामग्री के उपयोग और भ्रष्टाचार का कच्चा-चिट्ठा सामने आ गया है। सड़कों पर दिख रही दरारें और उखड़ती डामर की परत इस बात का प्रमाण है कि निर्माण में मापदंडों को पूरी तरह ताक पर रखा गया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रशासन ने अगले एक-दो सप्ताह के भीतर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया, तो शहर की आधी से अधिक सड़कें पूरी तरह टूट जाएंगी। वर्तमान में जलभराव के कारण कमजोर हो चुकी सड़कें अब वाहनों के दबाव को झेलने की स्थिति में नहीं हैं।
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हादसे को न्योता देते गड्ढे
शहर की प्रमुख सड़कों पर बने ये गड्ढे अब जानलेवा साबित हो रहे हैं। विशेषकर रात के समय, जब गड्ढों में पानी भरा होता है, दुपहिया वाहन चालकों के लिए ये किसी ''''डेथ ट्रैप'''' से कम नहीं हैं। पिछले कुछ दिनों में गिरकर चोटिल होने वाले वाहन चालकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अभी भी खामोश हैं।
निर्माण एजेंसियों पर कार्रवाई की मांग
सड़कों की बदहाली को लेकर शहरवासियों में आक्रोश है। सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने मांग की है कि हाल ही में बनी जिन सड़कों ने बारिश का साथ नहीं दिया, उन सभी का ''''थर्ड पार्टी आडिट'''' करवाया जाए। साथ ही, घटिया निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।