
नईदुनिया न्यूज, सरगांव: थाना क्षेत्र के ग्राम पेन्ड्री ‘स’ में हुए अंधेकत्ल का मुंगेली पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। वर्ष 2025 के सरपंच चुनाव में हार की रंजिश के चलते तुलसी साहू की हत्या की साजिश रची गई थी। मुख्य आरोपित धनीराम साहू ने तुलसी के अपहरण के लिए 1.20 लाख रुपये में सुपारी तय की थी और 70 हजार रुपये अग्रिम दिए थे।
आरोपितों ने पहले तुलसी का अपहरण किया, फिर पंप हाउस में ले जाकर बिजली के तार से उसके पैर बांधे और गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। साक्ष्य छिपाने के लिए शव को सड़क किनारे कीचड़ और झाड़ियों में फेंक दिया गया था। पुलिस ने हत्या, अपहरण, आपराधिक षड्यंत्र और साक्ष्य छिपाने के मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। प्रकरण में अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार ग्राम पेन्ड्री ‘स’ में वर्ष 2025 में हुए सरपंच चुनाव में धनीराम साहू लगभग आठ से नौ वोटों से हार गया था। गांव के झुलुराम वर्मा चुनाव जीतकर सरपंच बने थे। मृतक तुलसी साहू (32) उनके मतगणना अभिकर्ता के रूप में कार्य कर रहा था। धनीराम को संदेह था कि मतगणना के दौरान तुलसी ने जानबूझकर कुछ वोट निरस्त करवाए थे, जिसके कारण उसे हार का सामना करना पड़ा। इसी बात को लेकर वह तुलसी से रंजिश रखने लगा था और उसकी हत्या की योजना बना ली थी।
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26 अक्टूबर 2026 को नगर पंचायत मारो निवासी चंदन साहू ने सरगांव थाने में सूचना दी कि उसकी साली नीतू साहू का पति तुलसी साहू 25 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे घर से अपनी दीदी के घर सरगांव जाने के लिए निकला था। वहां से उसे अपने जीजा के साथ बेलगहना जाना था, लेकिन वह न तो घर लौटा और न ही दीदी के घर पहुंचा।
उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था। सूचक और स्वजन ने तलाश शुरू की तो तुलसी की मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 28 पी 5824 ग्राम पेन्ड्री ‘स’ स्थित जय भोलेनाथ राइस मिल के पास मिली। आगे तलाश करने पर गणेश मिनरल्स के पास सड़क किनारे अपशिष्ट पानी से बने कीचड़ में कांटेदार झाड़ियों के बीच तुलसी का शव संदिग्ध अवस्था में मिला। सूचना पर पुलिस टीम तमौके पर पहुंची।
मर्ग कायम कर शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया गया। फारेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मर्ग जांच, स्वजन के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर गला घोंटकर हत्या करने, दोनों पैरों को पीले रंग के बिजली के तार से बांधने और शव छिपाकर साक्ष्य मिटाने की पुष्टि हुई। इसके बाद सरगांव थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 और 238 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के आइजी रामगोपाल गर्ग ने शुरुआत से ही अंधेकत्ल का शीघ्र खुलासा करने, आरोपितों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और उत्कृष्ट विवेचना के निर्देश दिए थे। एसएसपी भोजराम पटेल के मार्गदर्शन, एडिशनल एसपी डा. प्रशांत शुक्ला के पर्यवेक्षण और उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के नेतृत्व में साइबर सेल तथा सरगांव पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने घटनास्थल, मृतक के आवागमन, आसपास के क्षेत्रों और उससे जुड़े व्यक्तियों की जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि मृतक की मोटरसाइकिल उसके घर से लगभग दो किलोमीटर दूर मिली थी, जबकि शव बाइक मिलने के स्थान से करीब 700 मीटर की दूरी पर मिला। मुखबिर सूचना तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ी तो सरपंच चुनाव में हार की रंजिश का अहम सुराग मिला।
विवेचना में सामने आया कि धनीराम साहू ने हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए अपने साले भुवन साहू को साथ लिया था। ओमनारायण राजपूत के माध्यम से कोटा निवासी सुरेंद्र जोशी से संपर्क किया गया। तुलसी का अपहरण करने के लिए सुरेंद्र जोशी से 1.20 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। धनीराम ने उसे 70 हजार रुपये अग्रिम दिए थे। योजना के अनुसार सुरेंद्र जोशी अपने साथियों के साथ तुलसी का अपहरण कर उसे धनीराम और उसके सहयोगियों तक पहुंचाने वाला था। इसके बाद तुलसी से सरपंच चुनाव में कथित धांधली स्वीकार करने संबंधी शपथ पत्र स्टांप पेपर पर लिखवाकर उसका वीडियो बनाना और फिर उसकी हत्या करना तय किया गया था।
पुलिस के मुताबिक 25 अक्टूबर की शाम सुरेंद्र जोशी अपने साथी कुणाल बक्शी निवासी अमेरी, बिलासपुर और तीन अन्य साथियों के साथ निशान कार क्रमांक सीजी 10 सीई 2075 से सरगांव होते हुए ग्राम पेन्ड्री ‘स’ पहुंचे। रात करीब सात बजे तुलसी साहू बाइक से घर से निकला तो आरोपितों ने उसका पीछा किया। जय भोलेनाथ राइस मिल से करीब 100 मीटर पहले सुनसान सड़क पर उसकी बाइक रुकवाकर उसे जबरन कार में बैठा लिया।
इसके बाद धनीराम और उसका साला भुवन भी आरोपितों के संपर्क में आए। सभी मनियारी, सरगांव के पास मिले। धनीराम और भुवन बाइक से आगे-आगे चले, जबकि सुरेंद्र और उसके साथी कार में तुलसी को लेकर पीछे आए। गणेश मिनरल्स के पहले ग्राम पेन्ड्री ‘स’ में टीकाराम साहू निवासी मोहभट्ठा के ट्यूबवेल के पास तुलसी को उतारकर उसका और मोबाइल फोन धनीराम को सौंप दिया गया।
इसके बाद सुरेंद्र और उसके साथी वहां से चले गए। टीकाराम साहू के खेत में धनीराम का हार्वेस्टर चल रहा था, इसलिए उसके पास ट्यूबवेल की चाबी थी। धनीराम और भुवन तुलसी को पंप हाउस के अंदर ले गए। वहां उसे डराया-धमकाया गया और 100 रुपये के स्टांप पेपर पर चुनाव में कथित धांधली स्वीकार करने संबंधी शपथ पत्र लिखवाया गया। इस दौरान भुवन के मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।
पुलिस के अनुसार पंप हाउस में ही चुनावी रंजिश के चलते धनीराम साहू और भुवन साहू ने वहां रखे बिजली के तार से तुलसी के दोनों पैर बांध दिए। इसके बाद गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए ओमनारायण राजपूत को फोन कर बुलाया गया। तीनों ने मिलकर शव को घसीटते हुए मोटरसाइकिल तक पहुंचाया और उसे लेकर गणेश मिनरल्स से निकलने वाले अपशिष्ट पानी के कीचड़ तक पहुंचे।
वहां सड़क किनारे शव फेंककर झाड़ियों से ढक दिया। साक्ष्य मिटाने के लिए धनीराम ने मृतक के जूते, जैकेट और मोबाइल चार्जर को पंप हाउस के पास स्थित पोल्ट्री फार्म के शेड में छिपा दिया। मोबाइल फोन राकिंग ढाबा के पीछे खेत में फेंक दिया गया। धनीराम ने अपना गमछा भी जला दिया। अगले दिन टीकाराम को चाबी लौटाते समय घटना की जानकारी दी गई। टीकाराम के कहने पर मृतक का गमछा भी उसके घर के पास जलाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया।
पुलिस ने मामले में धनीराम साहू के साले भुवन साहू निवासी किरना, ओमनारायण राजपूत निवासी पेन्ड्री, सुरेंद्र जोशी निवासी दर्रीकापा थाना कोटा और टीकाराम साहू निवासी मोहभट्ठा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हत्या एवं साक्ष्य छिपाने की धाराओं के साथ अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र की धारा 140(3) एवं 61(2) भारतीय न्याय संहिता भी जोड़ी गई।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे और निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पंप हाउस के कटे बिजली तार के टुकड़े, मृतक के जूते, जैकेट, चार्जर, धनीराम का मोबाइल, भुवन का मोबाइल, स्टांप पेपर पर लिखवाए गए शपथ पत्र का वीडियो, स्टांप पेपर, हत्या में उपयोग की गई मोटरसाइकिल, सुरेंद्र जोशी की निशान कार क्रमांक सीजी 10 सीई 2075, 10 हजार रुपये नकद और अन्य मोबाइल जब्त किए हैं।
पुलिस ने धनीराम साहू पिता रामगोपाल (40) निवासी पेन्ड्री ‘स’, भुवन साहू पिता बीपत राम (28) निवासी किरना थाना सरगांव, ओम उर्फ ओमनारायण राजपूत पिता घनश्याम (25) निवासी पेन्ड्री ‘स’, सुरेंद्र जोशी पिता रेशम लाल (25) निवासी दर्रीकापा थाना कोटा और टीकाराम साहू पिता चैतराम (53) निवासी मोहभट्ठा थाना सरगांव को 30 अक्टूबर को विधिवत गिरफ्तार किया। सभी को न्यायिक रिमांड पर भेजने के लिए न्यायालय में पेश किया गया। मामले में अन्य आरोपितों की पतासाजी की जा रही है।