• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

पत्नी कहती थी भिखारी, मारपीट करने व बुजुर्ग सास से अलग रहने का बनाती थी दबाव, हाईकोर्ट ने माना मानसिक क्रूरता, तलाक मंजूर

पत्नी की ओर से अपमानित करने, मारपीट करने, चरित्र पर संदेह जताने और बुजुर्ग मां से अलग रहने का दबाव बनाने के आरोपों को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने वैवाहिक ज...और पढ़ें

By Kamlesh RajakEdited By: manoj dubey
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 12:52:02 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 12:55:23 PM (IST)
पत्नी कहती थी भिखारी, मारपीट करने व बुजुर्ग सास से अलग रहने का बनाती थी दबाव, हाईकोर्ट ने माना मानसिक क्रूरता, तलाक मंजूर

HighLights

  1. फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी खारिज कर दी थी
  2. बिना सहमति घर छोड़कर चली जाती थी
  3. गवाही को मां के बयान से मिला समर्थन

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। पत्नी की ओर से अपमानित करने, मारपीट करने, चरित्र पर संदेह जताने और बुजुर्ग मां से अलग रहने का दबाव बनाने के आरोपों को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने वैवाहिक जीवन में मानसिक क्रूरता के समग्र प्रभाव के रूप में स्वीकार किया।

दोनों पक्षों के साक्ष्यों की समीक्षा के बाद कोर्ट ने पति मित्तेश पणिग्राही को तलाक की डिक्री दी। न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू और न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत की पीठ ने जगदलपुर परिवार न्यायालय का 10 दिसंबर 2022 का फैसला रद्द कर दिया।


परिवार न्यायालय ने तलाक की अर्जी खारिज कर दी थी

बस्तर जिले के जगदलपुर निवासी मित्तेश ने पत्नी वेदवती उर्फ ममता के खिलाफ मानसिक क्रूरता के आधार पर तलाक मांगा था। दोनों का विवाह आठ जून 2017 को हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था और उनकी कोई संतान नहीं है। परिवार न्यायालय ने पति के आरोपों को प्रमाणित नहीं मानते हुए तलाक की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ पति ने हाई कोर्ट में अपील की।

भिखारी व हैसियतहीन कहकर अपमानित करती थी

पति के अनुसार, वह किराये की छोटी इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान चलाता था और उसकी सीमित आय की जानकारी पत्नी के परिवार को विवाह से पहले थी। इसके बावजूद पत्नी कम कमाई को लेकर ताने देती और उसे भिखारी व हैसियतहीन कहकर अपमानित करती थी।

मायके जाने की जिद करती, बिना सहमति घर छोड़कर चली जाती थी

उसने पत्नी पर चरित्रहीन होने का संदेह करने, गाली-गलौज और मारपीट करने तथा बुजुर्ग मां से अलग रहने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। पति ने यह भी कहा कि पत्नी आत्महत्या की धमकी देती, रात में मायके जाने की जिद करती और बिना सहमति घर छोड़कर चली जाती थी। उसके मुताबिक, लगातार तनाव और विवाद से व्यवसाय प्रभावित हुआ और दुकान बंद करनी पड़ी।

पत्नी ने यह आरोप लगाए

पत्नी ने आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि ससुराल में उसे पहली मंजिल के एक कमरे तक सीमित रखा गया, दूसरे कमरों में जाने नहीं दिया गया और मायके से मिले सामान को ताले में बंद कर दिया गया। उसने ठीक से भोजन नहीं देने और दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।

उसके अनुसार, भ्रूण में असामान्यता के कारण चिकित्सकीय सलाह पर गर्भपात कराया गया था। उसने पति की आय अधिक बताते हुए भरण-पोषण मांगा और वैवाहिक जीवन फिर शुरू करने की इच्छा जताई।

गवाही को मां के बयान से मिला समर्थन

पीठ ने कहा कि गर्भपात, आत्महत्या की धमकी और वैवाहिक संबंधों से जुड़े कुछ व्यक्तिगत आरोपों के समर्थन में पर्याप्त विश्वसनीय प्रमाण नहीं थे। इसलिए तलाक का आधार कोई एक आरोप नहीं हो सकता। हालांकि, पति की गवाही को उसकी मां के बयान से समर्थन मिला, जबकि पत्नी के कुछ गवाहों ने माना कि उन्होंने विवाद स्वयं नहीं देखा था।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला बना आधार

समर घोष बनाम जया घोष सहित सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए पीठ ने कहा कि सामान्य वैवाहिक झगड़े अपने आप में मानसिक क्रूरता नहीं हैं। लेकिन लगातार विवाद, गंभीर अविश्वास, अपमानजनक व्यवहार और परिवार के साथ रहने को लेकर लंबे तनाव का संयुक्त प्रभाव साथ रहना कठिन बना सकता है।

कोर्ट ने माना कि इस मामले में विवाद लगातार बढ़े और पति-पत्नी अलग रहने लगे। परिवार न्यायालय ने साक्ष्यों का उचित आकलन नहीं किया था। हाई कोर्ट ने उसका फैसला रद कर मानसिक क्रूरता के आधार पर पति के पक्ष में तलाक की डिक्री जारी की।

यह भी पढ़ें- नाबालिग बेटे के हाथ में थमाई बाइक, हाईवा के साथ हुई आमने-सामने की टक्कर में सवार माता-पिता समेत तीनों की मौत