
नईदुनिया प्रतिनिधि, धमतरी। मध्यप्रदेश के इंदौर में सीवरयुक्त पेयजल से हुई जनहानि की घटना के बाद धमतरी शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है। नगर निगम धमतरी के सभी 40 वार्डों में नालियों के अंदर पेयजल की पाइपलाइन बिछी हुई है। पाइप कहीं भी लीकेज होने पर घरों तक गंदा और दूषित पानी पहुंच रहा है। रविवार को नईदुनिया ने इस गंभीर विषय को लेकर नगर निगम क्षेत्र के बांसपारा वार्ड, सदर दक्षिण वार्ड, सुभाष नगर वार्ड एवं शीतलापारा वार्ड में पड़ताल की और जमीनी हकीकत को जानने का प्रयास किया।
नगर निगम धमतरी के सभी 40 वार्डों की नालियों में पेयजल की पाइपलाइन नाली के अंदर, इसके ऊपर और बीचों-बीच बिछी हुई है। शहर के किसी भी वार्ड में पाइपलाइन फूटने और लीकेज होने पर लोगों के घरों में गंदा और दूषित पानी जाता है। कई लोग पानी उबालकर पी रहे हैं, तो कुछ सीधे ही पी रहे हैं। दूषित जल पीने से लोग बीमार होकर अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं। शहर की नालियां पहले ही कचरे से जाम पड़ी हैं। शहरवासी नालियों से मलबा नहीं निकालने की वजह से इसकी असहनीय दुर्गंध से पहले ही परेशान हैं।
वहीं दूसरी ओर, अब इंदौर की घटना ने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया है कि उनके घरों में भी पेयजल की पाइपलाइन नालियों से होकर गुजर रही है। कहीं भी पाइप फटने और लीकेज होने पर दूषित पानी घरों में पहुंचेगा। नगर निगम धमतरी क्षेत्र में तीन प्रकार की पेयजल पाइपलाइन बिछी हुई हैं। इसमें सबसे पुरानी सीमेंट की पेयजल पाइपलाइन है। इसके बाद भागीरथी योजना के तहत वार्डों में पाइपलाइन बिछाई गई। वर्तमान में जल आवर्धन योजना के तहत पाइपलाइन बिछाई जा रही है। तीनों लाइनों से पेयजल की आपूर्ति हो रही है, जिसे बंद करके अब एक ही पाइपलाइन से आपूर्ति करने की तैयारी चल रही है।
सदर दक्षिण वार्ड निवासी रोशन लाल पांडेय ने बताया कि वार्ड की नालियों के ऊपर पेयजल की पाइपलाइन बिछी हुई है। इस नाली में घरों के शौचालय का गंदा पानी भी बह रहा है। इस समस्या को लेकर दो से तीन बार पार्षद से शिकायत की है, लेकिन आज तक कोई पहल नहीं की गई। बांसपारा वार्ड के परमानंद यादव ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व पाइपलाइन में लीकेज की वजह से दूषित पानी पीकर कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। लोहे के पाइप में जंग लगने और प्लास्टिक पाइप में छेद होने पर नालियों का गंदा पानी घरों में पहुंचता है। निगम से मांग है कि पाइपलाइन को नालियों से दो फीट ऊपर किया जाए।
शीतलापारा वार्ड के चेतन कुमार यादव ने बताया कि बारिश के सीजन में यह पाइपलाइन नालियों में पूरी तरह डूबी रहती है, जिससे दूषित पानी घरों में जाता है। सुभाष नगर वार्ड के बलराम सेन ने बताया कि इंदौर की घटना के बाद से लोग डरे हुए हैं। हर तरफ नालियों के अंदर से पाइपलाइन बिछी हुई है। निगम प्रशासन से मांग है कि इसे ऊपर उठाया जाए ताकि जलजनित बीमारियाँ फैलने से बच सकें।
नगर निगम जल विभाग के प्रभारी अखिलेश सोनकर ने कहा कि पूर्व में 1200 नल कनेक्शन पर काम हुआ है। अब फिर से 40 से 50 लाख रुपये का नया टेंडर निकालने की तैयारी चल रही है। बारिश के पहले सभी वार्डों में इस कार्य को पूर्ण करने की योजना है। शहर की जितनी भी नालियों में पाइपलाइन है, उन कनेक्शनों को ऊपर कराएंगे। धमतरी में तीन लाइन में पाइपलाइन बिछी है, जिसे बंद कर एक ही लाइन से कनेक्शन देंगे। इसके लिए इंजीनियरों की टीम ने सर्वे किया है। रामसागरपारा, ब्राह्मणपारा और बांसपारा जैसे विशेष क्षेत्रों से इस कार्य की शुरुआत की जाएगी।
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