दुर्ग जिले के नौ गांवों समेत 25 क्षेत्रों में जमीन के खाता विभाजन और अंतरण की मिली अनुमति
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के 25 गांवों के भू-स्वामियों और नागरिकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। प्रशासन ने इन गांवों में जमीन की खरीदी-बिक्री, ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 09 Oct 2026 11:20:25 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Oct 2026 11:20:25 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के कारण लगी रोक समाप्त, दुर्ग के 25 गांवों के लोगों को मिली बड़ी राहत।
- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में जमीनों की खरीदी-बिक्री से जुड़ी पाबंदियां खत्म, राजस्व कार्यों में आएगी तेजी।
- दुर्ग जिले के 25 गांवों में जमीन के कागजी कामों और रजिस्ट्री पर लगी रोक हटाने का आदेश जारी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, दुर्ग : जिले के 25 गांवों में जमीन के खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन और खरीदी-बिक्री पर लगाया गया प्रतिबंध समाप्त कर दिया गया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने परियोजना प्रबंधक, विद्युत रायपुर से प्राप्त पत्रों के आधार पर यह आदेश जारी किया है।
प्रतिबंध हटाने का आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। प्रशासन के अनुसार, ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (दानकुनी-सूरत) के प्रस्तावित अलाइनमेंट में आने वाली जमीनों की खरीदी-बिक्री और हस्तांतरण पर रोक लगाई गई थी। इसके लिए तीन जून पांच जून को प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए थे। अब संबंधित विभाग से मिले पत्रों के आधार पर इन प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया गया है।
यह भी पढ़ें- सहायक प्राध्यापक भर्ती में डिग्री विवाद: एमटेक कंप्यूटर टेक्नोलॉजी समकक्षता मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, मिली अगली तारीख
प्रतिबंध हटने से दुर्ग अनुभाग के बिरेझर, चंगोरी, कोनारी, चंदखुरी, हनोदा, खम्हरिया, उमरपोटी, उतई और डुमरडीह सहित नौ गांवों को राहत मिली है। पाटन अनुभाग के परेवाडीह, पंहडोर, औंधी, मगरघटा, बेन्द्री, नारधी, महकाकला, महकाखुर्द, कुरूदडीह और बटंग तथा भिलाई-3 अनुभाग के सोमनी, सिरसाकला, परसदा (पाहंदा), गनियारी, देवबलोदा और उरला गांव भी इसमें शामिल हैं। इस निर्णय से संबंधित गांवों में जमीन के लेनदेन और राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं का रास्ता साफ हो गया है।