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छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण की लगी होड़, Diwali पर 100 माओवादी करेंगे सरेंडर, नई जिंदगी की होगी शुरुआत

Maoists Surrender: जब पूरा देश सोमवार को रोशनी का पर्व मनाएगा, ठीक उसी दिन गरियाबंद में सक्रिय उदंती एरिया कमेटी के सक्रिय 100 माओवादी नई जिंदगी की शु...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sat, 18 Oct 2025 09:08:45 PM (IST)Updated Date: Sat, 18 Oct 2025 09:08:45 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण की लगी होड़, Diwali पर 100 माओवादी करेंगे सरेंडर, नई जिंदगी की होगी शुरुआत
Diwali पर 100 माओवादी करेंगे सरेंडर (फाइल फोटो)

HighLights

  1. गरियाबंद में 100 माओवादी दीपावली पर करेंगे आत्मसमर्पण
  2. संगठन की ओर से सुनील ने पत्र जारी कर सभी माओवादियों से की अपील
  3. इससे पहले बस्तर में 210 और गढ़चिरौली में 61 माओवादी कर चुके समर्पण

नईदुनिया न्यूज, गरियाबंद। जब पूरा देश सोमवार को रोशनी का पर्व मनाएगा, ठीक उसी दिन गरियाबंद में सक्रिय उदंती एरिया कमेटी के सक्रिय माओवादी अपने वर्षों पुराने हथियार बंद संघर्ष को विराम देकर नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे। यह निर्णय महाराष्ट्र में भूपति के 61 साथियों के साथ हुए आत्मसमर्पण और बस्तर में रूपेश के 210 माओवादियों के साथ लाल आतंक छोड़कर संविधान को अपनाने की घटना के ठीक बाद आया है। इन सामूहिक आत्मसमर्पणों की राह पर चलते हुए उदंती टीम ने भी हथियारबंद संघर्ष को त्यागने का फैसला किया है, जिससे पूरे छत्तीसगढ़ में शांति की उम्मीद जगी है।

माओवादी सुनील द्वारा जारी एक अपील पत्र के अनुसार, कमेटी ने 20 तारीख को ही आत्मसमर्पण की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। पत्र में स्पष्ट रूप से बाकी यूनिटों को सोमवार दोपहर 12:30 बजे मिलने का आह्वान किया गया है, ताकि सशस्त्र आंदोलन को विराम दिया जा सके। माओवादी सुनील की अपील में संगठन के भीतर का निराशाजनक माहौल साफ झलकता है। उसने अपनी बात को वजन देने के लिए अपने साथियों से कहा है कि "पहले हमें बचना है उसके बाद संघर्ष आगे बढ़ा सकते है।" सुनील ने स्वीकार किया है कि केंद्रीय नेतृत्व (सेंट्रल कमेटी) सही समय पर निर्णय नहीं ले सका और उन्होंने कई महत्वपूर्ण कामरेडों को खो दिया है।


मुख्यधारा में लौटें माओवादी- एसपी

पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने कहा कि "त्योहार के इस पावन मौके पर माओवादियों का यह फैसला बेहद प्रतीकात्मक है। हम लगातार अपील करते रहे हैं कि वे मुख्यधारा में लौटें और हिंसा का अंधेरा छोड़ दें। उदंती कमेटी का यह निर्णय बाकी यूनिटों (गोबरा, सीनापाली, सीतानदी) के लिए अंतिम संदेश होना चाहिए। हम उन्हें आश्वस्त करते हैं कि सरकार की पुनर्वास नीति उनके नए जीवन को रोशन करेगी।"

इधर एक लाख के इनामी माओवादी ने डाले हथियार

एक लाख रुपये का इनामी माओवादी पिलसाय कश्यप ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक वाय अक्षय कुमार के समक्ष आत्मसमर्पण किया। संगठन में बढ़ते मतभेद, साथियों की मौत और सुरक्षित जीवन की चाह ने उसे समाज की मुख्यधारा में लौटने को प्रेरित किया। आत्मसमर्पण के दौरान उसे छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 के तहत 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।