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सड़क नहीं, एंबुलेंस भी नहीं पहुंची... छत्तीसगढ़ में प्रेग्नेंट महिला को खाट पर लादकर 3km चले स्वजन, पीएम-जनमन योजना पर उठे सवाल

गरियाबंद के मैनपुर विकासखंड के घुमरापदर स्थित कमारपारा में सड़क के अभाव में प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को परिजन खाट पर 3 किमी पैदल ले गए।

By Himanshu SanganiEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Sun, 18 Oct 2026 11:17:44 AM (IST)Updated Date: Sun, 18 Oct 2026 11:27:19 AM (IST)
सड़क नहीं, एंबुलेंस भी नहीं पहुंची... छत्तीसगढ़ में प्रेग्नेंट महिला को खाट पर लादकर 3km चले स्वजन, पीएम-जनमन योजना पर उठे सवाल
गरियाबंद में सड़क के अभाव में प्रसूता को खाट पर 3 किमी ढोया

HighLights

  1. घुमरापदर के कमारपारा में 3 किमी पैदल चले परिजन
  2. उरमाल स्वास्थ्य केंद्र में मां और नवजात सुरक्षित
  3. पीएम-जनमन योजना के बाद भी सुविधाओं का अभाव

नईदुनिया न्यूज, गरियाबंद। मैनपुर विकासखंड के घुमरापदर स्थित कमारपारा में सड़क के अभाव में एक परिवार को प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को खाट पर लिटाकर करीब तीन किलोमीटर तक पैदल ले जाना पड़ा। मुख्य मार्ग तक पहुंचने के बाद आपातकालीन वाहन से प्रसूता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उरमाल पहुंचाया गया। समय पर उपचार मिलने से मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं।

एंबुलेंस बस्ती तक नहीं पहुंची

यह घटना दूरस्थ वनांचल में बसे विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी उजागर करती है। प्रसव जैसी आपात स्थिति में महिला को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी, लेकिन सड़क न होने से एंबुलेंस बस्ती तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में स्वजन ने खाट को सहारा बनाया और महिला को उठाकर मुख्य मार्ग तक ले गए।


पीएम-जनमन योजना के बाद भी हालात जस के तस

विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहटों तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान यानी पीएम-जनमन जैसी योजनाएं संचालित हैं। इसके बावजूद कमारपारा की घटना सड़क संपर्क और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर सवाल खड़े करती है।

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