
नईदुनिया न्यूज, गरियाबंद। मैनपुर विकासखंड के घुमरापदर स्थित कमारपारा में सड़क के अभाव में एक परिवार को प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को खाट पर लिटाकर करीब तीन किलोमीटर तक पैदल ले जाना पड़ा। मुख्य मार्ग तक पहुंचने के बाद आपातकालीन वाहन से प्रसूता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उरमाल पहुंचाया गया। समय पर उपचार मिलने से मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं।
यह घटना दूरस्थ वनांचल में बसे विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी उजागर करती है। प्रसव जैसी आपात स्थिति में महिला को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी, लेकिन सड़क न होने से एंबुलेंस बस्ती तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में स्वजन ने खाट को सहारा बनाया और महिला को उठाकर मुख्य मार्ग तक ले गए।
विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहटों तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान यानी पीएम-जनमन जैसी योजनाएं संचालित हैं। इसके बावजूद कमारपारा की घटना सड़क संपर्क और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर सवाल खड़े करती है।
यह भी पढ़ें- चार माह में ही उखड़ी 16 करोड़ से बनी सड़क, रायपुर में NH-53 के कुम्हारी ब्रिज पर हादसों को न्योता दे रहे गड्ढे