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छत्तीसगढ़ में 25 लाख के इनामी माओवादी नेता बंडी प्रकाश ने किया सरेंडर, तेलंगाना DGP के सामने छोड़ा हथियार

माओवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। संगठन के शीर्ष नेता बंडी प्रकाश ने मंगलवार को तेलंगाना के डीजीपी के सामने सरेंडर कर दिया है...और पढ़ें

By Animesh PaulEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Tue, 28 Oct 2025 12:35:30 PM (IST)Updated Date: Tue, 28 Oct 2025 12:47:55 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में 25 लाख के इनामी माओवादी नेता बंडी प्रकाश ने किया सरेंडर, तेलंगाना DGP के सामने छोड़ा हथियार
25 लाख के इनामी माओवादी ने किया सरेंडर

HighLights

  1. माओवादी नेता बंडी प्रकाश ने किया सरेंडर
  2. माओवादी पर छत्तीसगढ़ में 25 लाख का इनाम
  3. छात्र जीवन में वामपंथी विचारधारा से प्रभावित रहा

नईदुनिया प्रतिनिधि, जगदलपुर: माओवादी आंदोलन को करारा झटका देते हुए संगठन के शीर्ष नेता बंडी प्रकाश ने मंगलवार को तेलंगाना के डीजीपी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। बंडी प्रकाश माओवादी पार्टी में विशेष क्षेत्रीय समिति (स्पेशल जोनल कमेटी) के सदस्य के रूप में लंबे समय से सक्रिय था।

बता दें कि उस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। यह आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ और तेलंगाना-दोनों राज्यों की पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।

छात्र नेता से बना माओवादी नेता

संगठन में ‘प्रभात’, ‘अशोक’ और ‘क्रांति’ जैसे नामों से पहचाने जाने वाला बंडी प्रकाश तेलंगाना के मंचेरियल जिले के मंदामरी क्षेत्र का रहने वाला है। उसके पिता सिंगरेनी कोलियरी में कर्मचारी हैं। छात्र जीवन में ही वह वामपंथी विचारधारा से प्रभावित हुआ और 1982–84 के बीच हुए गांव चलो आंदोलन के दौरान रेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन से जुड़ गया।


इसके बाद सिंगरेनी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष के रूप में काम किया और धीरे-धीरे संगठन की ऊंची कमेटियों तक पहुंच गया। हाल के महीनों में माओवादियों पर बढ़ते दबाव और शीर्ष नेताओं के मारे जाने व मुख्यधारा में लौटने के बाद उसने भी मुख्यधारा का रास्ता चुन लिया।

यहां बता दें कि कुछ दिन पहले पोलित ब्यूरो सदस्य एवं केंद्रीय क्षेत्रीय ब्यूरो प्रमुख भूपति और केंद्रीय समिति सदस्य रूपेश उर्फ सतीश के नेतृत्व में 271 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। इसके एक दिन बाद कांकेर क्षेत्र में 20 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए।

यह भी पढ़ें- QR Code और वीडियो कॉल से माओवादियों की व्यापक आत्मसमर्पण लहर, पुनर्वास का मार्ग हुआ सुगम

बताया जा रहा है कि बंडी प्रकाश के आत्मसमर्पण से दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी इकाई की गतिविधियों पर असर पड़ना तय है। इससे पहले भूपति की पत्नी तारक्का, उसकी भाभी सुजाता, और माओवादी नेता सुधाकर की पत्नी ककराला सुनीता भी आत्मसमर्पण कर चुकी हैं। लगातार आत्मसमर्पण की यह श्रृंखला माओवादी संगठन में तेजी से घटते मनोबल और आंतरिक असंतोष की ओर संकेत करती है।