
नईदुनिया न्यूज, जगदलपुर। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा है कि विभागीय शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीइटी) ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से आयोजित की जाएगी। शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार जिनकी सेवा पांच साल से कम बची है उन्हें छोड़कर अन्य सभी शिक्षकों को टीइटी उत्तीर्ण करना आवश्यक है। जिसे ध्यान में रखकर सरकार ने कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से विभागीय परीक्षा आयोजित करने की पहल की है।
राष्ट्रपति के बस्तर प्रवास के सिलसिले में जगदलपुर पहुंचे शिक्षा मंत्री यादव से शुक्रवार सुबह 11 बजे छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल सर्किट हाउस में मिलने पहुंचा था। एसोसिएशन ने परीक्षा के पैटर्न को लेकर मांग रखी थी। जिस पर मंत्री ने बताया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों पैटर्न से परीक्षा आयोजित की जाएगी।
एसोसिएशन का तर्क है कि ऑनलाइन परीक्षा में कई तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयां आती हैं। नेटवर्क फेल होना, सर्वर डाउन होना, सिस्टम हैंग होना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बस्तर जैसे दूरस्थ अंचल में पदस्थ कई शिक्षकों के लिए ऑनलाइन परीक्षा और भी चुनौती पूर्ण होगी। विशेषकर पुराने शिक्षक जो तकनीक से ज्यादा सहज नहीं हैं, उनके लिए ओएमआर आधारित ऑफलाइन परीक्षा अधिक सुविधाजनक और व्यावहारिक है।
प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों की कमी, पदोन्नति आदि विषयों पर भी मंत्री से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के संभागीय अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष लूदरसन कश्यप, राजेश गुप्ता, मोहम्मद ताहीर शेख, तुलादास मानिकपुरी, गजराज सिंह, रामप्रसाद ठाकुर, ओमप्रकाश पटेल, मनीष ठाकुर आदि शामिल थे।